
गेहूं उपार्जन की तारीख बढ़ी (Photo Source- Patrika)
MP Farmers :मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन की तारीखों को आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से अबतक अपनी फसलें सरकार को न बेच पाने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। गेहूं उपार्जन व्यवस्था में आ रही दिक्कतों के बीच राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए अहम निर्णय लिए हैं। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्जाट करते हुए कहा कि, जिन किसानों का अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी फसल आसानी से बेच सकें।
आपको बता दें कि, अबतक समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन खरीदी की तारीख 9 मई 2026 निर्धारित थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने बढ़ाकर 23 मई तक कर दिया है। यानी किसान सरकार को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर नई निर्धारित तारीख तक बेच सकते हैं। इसी के साथ, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रदेश में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों को निर्देशानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध करने की व्यवस्था कर स्थितियां सुनिश्चित करें। उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा।
सीएम के निर्देश पर उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्था कर ली गई है। किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज का विक्रय आसानी से कर सकेगा। गेहूं के लिए एफएक्यू मापदंड में शिथिलता प्रदान की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर करने के लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बताया गया कि, महेश्वर प्रवास के दौरान वो अचानक केंद्र पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण भी कर सकते हैं।
उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि समेत 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए गेहूं उपार्जन एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है।
बता दें कि अबतक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस साल युद्ध के विपरीत हालातों के बावजूद किसानों के हित में सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य तय किया है।
Updated on:
30 Apr 2026 11:33 am
Published on:
30 Apr 2026 11:33 am
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