
भोपाल. ऐशबाग क्षेत्र में विकास के नाम पर पिछड़े बाग फरहत अफजा में शासकीय माध्यमिक शाला में केजी एक से लेकर आठवीं तक 275 बच्चे पढ़ते है। आसामाजिक तत्वों से घिरे क्षेत्र में चल रहे स्कूल के हाल भी दयनीय नजर आएं। एक शाला एक परिसर का नियम आज सभी सरकारी स्कूल में लागू है। कक्षा एक से 12वीं तक क्लासें सभी ओर एक ही स्कूल में लगती है,लेकिन सुरक्षा, पीयून, मूलभूत सुविधा के अभाव में यह स्कूल दो हिस्सों में लग रहा है। केजी एक से पांचवी तक स्कूल के भवन में क्लासे लग रही है। कक्षा छह से लेकर आठवीं तक की कक्षा इससे 500 मीटर दूर बरखेड़ी फाटक के पास मानसी स्कूल से लगे नगर निगम के भवन में लगाई जा रही है। स्कूल में खेल मैदान नहीं है। गलियारें की तरह बने इस स्कूल में पीयून,सफाई कर्मचारी व चौकीदार भी नहीं है। जिसके चलते स्कूल के शौचालय से लेकर परिसर तक स्थिति बदहाल बनी हुई है।
-स्थानीय लोगों का विरोध झेलते शिक्षक
पड़ताल में सामने आया कि नगर निगम के भवन में लग रही कक्षाओं को लेकर भी स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल भवन में जगह व व्यवस्था का अभाव होने की वजह से निगम के भवन का उपयोग किया जा रहा है। बच्चें तो इसी क्षेत्र के है,लेकिन बड़े बच्चों की क्लासे यहां से हटवाने का प्रयास कर रहे हैं। स्कूल में 14 शिक्षक दो हिस्से में बंटकर क्लासे लेते हैं।
-गलियारे की तरह स्कूल
कब्रिस्तान के सामने मुख्य सडक़ से लगा स्कूल भवन किसी गलियारें की तरह है। पीछे के खुले हिस्से में मकान बन चुके हैं। स्कूल में पढ़ते बच्चों को बाहर से कोई भी झांककर देख सकता है। इससे लगे हाउसिंग बोर्ड के ईडब्ल्यूएस के मकान भी जर्जर और आसामाजिक तत्वों से भरे हुए है। शिक्षक से लेकर बच्चों तक को हादसे का खतरा बना रहता है। स्कूल में सुरक्षा के नाम पर चौकीदार पीयून तक नहीं है।
सीधी बात-सुरेंद्र चौधरी, प्राचार्या, शा.मा.शाला बाग फरहत अफजा, ऐशबाग
सवाल-एक शाला एक परिसर का नियम सभी शासकीय स्कूलों पर लागू है फिर आठवीं तक का स्कूल दो हिस्सों में क्यों बंटा है।
जबाब-स्कूल भवन के आसपास का महौल ठीक नहीं है। इसलिए कक्षा छह से आठवीं तक की क्लासें मानसी अस्पताल के पास नगर निगम के भवन में लगाते हैं।
सवाल-नया सत्र शुरू हो चुका है, शौचालय से लेकर परिसर तक में सफाई का अभाव है।
जबाब-खेल मैदान से लकर पीयून, चौकीदार भी हमारे यहां नहीं है। प्राइवेट कर्मचारी लगाकर सफाई करवाते हैं।
सवाल-275 छात्रों के स्कूल में क्या नगरनिगम भी सफाई करने नहीं आता है?
जबाब-कई बार मांग कर चुके हैं। कोई नहीं आता। चूहे व घूसों ने शौचालय को खोखला कर दिया है।