
भोपाल। आदिवासी गौरव दिवस को एतिहासिक बनाने में जुटी राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती। इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। वहीं विभिन्न विभागों को व्यवस्थाएं जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भोजन, चाय, नाश्ता, परिवहन सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस पर 22.62 लाख रुपए खर्च होंगे। इनमें भोजन, चाय, नाश्ता इत्यादि के लिए 12 करोड़ 92 लाख और पेट्रोल-डीजल के लिए 9.70 करोड़ रुपए का बजट शामिल है।
जनजाति कार्य विभाग के आयुक्त ने विभिन्न कार्यों के लिए यह राशि की है। यह बजट आदिवासी संस्कृति का परीक्षण विकास एवं देवठान मद से जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि वित्त विभाग की सहमति के बाद वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार इस राशि को खर्च किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के कलेक्टर ट्रेजरी से राशि निकाल सकेंगे और एक माह में इस राशि का समायोजना करना होगा।