भोपाल

मंत्रियों के विभागों को फिर बदलना चाहा सीएम ने, गवर्नर ने फाइल रोकी

एमपीपीएसी सदस्यों की नियुक्ति पर भी नहीं दी हरीझंडी
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Mar 18, 2020
मंत्रियों के विभागों को फिर बदलना चाहा सीएम ने, गवर्नर ने फाइल रोकी
मंत्रियों के विभागों को फिर बदलना चाहा सीएम ने, गवर्नर ने फाइल रोकी

डॉ. दीपेश अवस्थी,

भोपाल। राज्य सरकार द्वारा बार-बार निर्देशों की अव्हेलना करने के बाद राजभवन में एक्शन में आ गया है। राजभवन ने सरकार की फाइल रोकना शुरू कर दी हैं। छह मंत्रियों को हटाए जाने के बाद सरकार ने चार दिन पहले मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया था। अब फिर से बदलाव के लिए राजभवन को फाइल भेजी। राजभवन ने यह तर्क देकर इस फाइल को रोक दिया है कि अल्पमत की सरकार के सरकार के निर्णय मान्य नहीं होंगे।

मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर हाल ही में इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रभुराम चौधरी को मंत्रिपद से हटा दिया था। इनके विभाग अन्य मंत्रियों को दिए गए। उस समय तक सब कुछ सही चल रहा था। इसी बीच भाजपा ने राज्यपाल से मुलाकात कर आरोप लगाया कि सरकार के पास बहुमत नहीं है। अल्पमत में आई सरकार को काम करने का हक नहीं है।

राज्यपाल ने भी सरकार को बहुमत सिद्ध करने के लिए सत्र के पहले दिन सदन में बहुमत सिद्ध करने का आदेश दिया। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव के लिए राजभवन फाइल भेजी। राज्यपाल ने यह कहते हुए फाइल पर दस्तखत करने से इंकार कर दिया कि सरकार जब तक बहुमत सिद्ध नहीं करती, उसके निर्णयों पर सहमति नहीं दी जा सकती।

पीएससी सदस्यों की नियुक्ति पर रोक -
राज्य सरकार ने हाल ही में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में दो सदस्यों की नियुक्ति की है। इनमें रामू टेकाम और राशिद सोहेल सिद्दीकी शामिल हैं। कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर करते हुए राज्यपाल के अनुमोदन के लिए फाइल भेजी थी। राज्यपाल ने इसे भी रोक दिया है।

कैबिनेट के निर्णयों पर भी सवाल -
राज्यपाल द्वारा सरकार को अल्पमत में बताए जाने के बाद कैबिनेट बैठक में एक के बाद एक निर्णय हो रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठकों के निर्णयों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार यदि बहुमत सिद्ध नहीं कर पाती तो ये निर्णय भी अमान्य हो जाएंगे।

नियुक्ति और तबादलों का दौर -
कमलनाथ सरकार को गिराने और बचाने की रस्साकशी के बीच नियुक्तियों व तबादलों का दौर चल पड़ा है। पिछले तीन दिन में सरकार ने तीन दर्जन से ज्यादा नियुक्तियां व तबादले आदेश जारी कर दिए। खास तौर पर आयोगों में नियुक्तियां करके कांग्रेस पार्टी के नेताओं के असंतोष को थामने और लाभांवित किया जा रहा है। वहीं प्रशासनिक व पुलिस के मुखिया भी इसी सियासी खींचतान के बीच बदले गए हैं।

इनकी नियुक्तियां-

अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष पर पद जेपी धनोपिया, मप्र युवा आयोग अध्यक्ष पद पर अभय तिवारी, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष के पद पर शोभा ओझा, अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष पद पर गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, महाधिवक्ता अतिरिक्त महाविधवक्ता कार्यालय में सरकारी वकीलों की नियुक्तियां, पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ संचालक डॉ.प्रतिमा यादव की प्रतिनियुक्ति एक वर्ष की वृद्धि

Published on:
18 Mar 2020 09:52 pm