
GST Tribunal Bhopal: जीएसटी ट्रिब्यूनल भोपाल में दस्तावेज अंग्रेजी में ही स्वीकार किए जाएंगे। हालही में ट्रिब्यूनल से जारी आदेश ने कर सलाहकारों में असंतोष बढ़ा दिया हैं। वे ट्रिब्यूनल के इस आदेश को सस्ती न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला बता रहे हैं।
दरअसल, बीते माह ट्रिब्यूनल ने सिर्फ अंग्रेजी में ही प्रकरणों के दस्तावेज स्वीकारने का आदेश दिया। साथ ही पैरवी के मामलों में भी दस्तावेजों को अंग्रेजी में अनुवाद कर पेश करने को कहा था। टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृदुल आर्य ने कहा, ट्रिब्यूनल के इस आदेश से करदाताओं पर अनावश्यक खर्च बढ़ेगा। इससे सरकार की सस्ता न्याय दिलाने की मंशा भी प्रभावित होगी।
चार्टर्ड अकाउंटेंट संघ ने बताया, हिन्दी में दस्तावेजों को आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल और वेट ट्रिब्यूनल मप्र में स्वीकार्य है। इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल इंदौर व हाई कोर्ट में भी हिंदी में कागज दिए जा सकते हैं। जीएसटी ट्रिब्यूनल का आदेश पूरी तरह गलत है।