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LPG Price Hike: 60 रुपए बढ़े, एमपी के इन शहरों में दिल्ली-मुंबई-कोलकाता-चेन्नई से भी महंगा गैस सिलेंडर

LPG Price Hike: अमेरिका-इजराइल युद्ध का असर दिखना शुरू, केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर पर बढ़ाए 60 रुपए, आधे से ज्यादा एमपी में देश के चार महानगरों से भी महंगी हुई गैस, कमर्शियल गैस सिलेंडर भी महंगा...

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LPG Price Hike

LPG Price Hike(photo:patrika)

LPG Price Hike: देश में घरेलू बजट पर एक बार फिर असर पड़ेगा। केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए का इजाफा कर दिया है, जबकि 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 115 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें आज 7 मार्च शनिवार से लागू हो गई हैं। इसका असर मध्यप्रदेश में भी दिखा है। एमपी के कई जिलों में इसकी कीमत 1000 रुपए के करीब पहुंच गई हैं। जो देश के प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से भी ज्यादा है। जानें एमपी में किस शहर में सबसे महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर…

5 बड़े शहरों में कितने में मिलेगा सिलेंडर

प्रदेश के प्रमुख शहरों में अब एलपीजी सिलेंडर की कीमत

भोपाल – 918 रुपए
इंदौर – 941 रुपए
ग्वालियर – 996 रुपए
जबलपुर – 919 रुपए
उज्जैन – 972 रुपए

इनमें ग्वालियर में सबसे ज्यादा कीमत देखने को मिल रही है। यहां पहले सिलेंडर 936.50 रुपए में मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 996.50 रुपए हो गया है।

नर्मदापुरम में सबसे महंगी गैस

प्रदेशमें सबसे महंगा सिलेंडर नर्मदापुरम में मिलेगा। यहां उपभोक्ताओं को अब एक सिलेंडर के लिए करीब 1035 रुपए चुकाने होंगे। इसके अलावा कई जिलों में कीमत 1000 रुपए के करीब पहुंच गई है।

मुरैना- 937 रुपए
भिंड- 936 रुपए

निवाड़ी, टीकमगढ़, झाबुआ, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी और रतलाम में भी कीमत 991 रुपए या उससे ज्यादा हो चुकी है।
यानी मध्य प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में अब गैस सिलेंडर 900 रुपए से ऊपर ही मिलेगा।

कुछ जिलों में अपेक्षाकृत कम कीमत

प्रदेश के कुछ जिलों में कीमत थोड़ी कम बनी हुई है। इन जिलों में शाजापुर और सीहोर में सिलेंडर करीब 918.50 रुपए में मिलेगा। इसके अलावा सिवनी, सागर, विदिशा, दमोह, रायसेन, पन्ना, उमरिया और सीधी जैसे जिलों में भी कीमत अपेक्षाकृत कम है।

पहले भी बढ़े थे सिलेंडर के दाम

एलपीजी की कीमतों में पिछली बार 8 अप्रैल 2025 को बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि 8 मार्च 2024 को महिला दिवस के मौके पर केंद्र सरकार ने सिलेंडर के दाम 100 रुपए घटाए भी थे। इसके बाद अब एक बार फिर गैस की कीमतों में इजाफा किया गया है।

एमपी में देश के इन 4 महानगरों से भी महंगी हुई गैस

दिल्ली- 913 रुपए
मुंबई- 912 रुपए
कोलकाता- 939 रुपए
चेन्नई- 928.50 रुपए

कॉमर्शियल सिलेंडर पहले ही महंगा

बता दें कि घरेलू गैस सिलेंडर से पहले 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए थे। उस समय 19 किलो वाले सिलेंडर के रेट करीब 31 रुपए तक बढ़ाए गए थे। अब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।

क्यों बढ़ाए गए गैस के दाम

गैस कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी कारण सरकार ने पहले से ही उत्पादन बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश

केंद्र सरकार ने 5 मार्च को इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल प्राथमिक रूप से एलपीजी बनाने के लिए करें। इसके अलावा कंपनियों को यह भी कहा गया है कि वे इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को ही करें।

इन कंपनियों में शामिल हैं

-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC)
-हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)
-भारत पेट्रोलियम (BPCL)
सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर की सप्लाई बिना रुकावट बनाए रखना है।

जानें कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत

एलपीजी की कीमत सीधे सरकार तय नहीं करती। हर महीने तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर इसकी बेस प्राइस तय करती हैं। कीमत तय करने में मुख्य रूप से तीन चीजें शामिल होती हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी का भाव
  • डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत
  • ट्रांसपोर्ट और वितरण लागत
  • इसके बाद टैक्स, ट्रांसपोर्ट खर्च और डीलर कमीशन जोड़कर अंतिम खुदरा कीमत तय होती है।
  • सब्सिडी वाले सिलेंडर में सरकार कीमत का कुछ हिस्सा देती है, जबकि बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की पूरी कीमत उपभोक्ता को चुकानी पड़ती है।

एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत सरकार की कार्रवाई

सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जारी किया है। इस कानून के तहत सरकार को यह अधिकार होता है कि वह जरूरी वस्तुओं की सप्लाई और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कंपनियों को निर्देश दे सके। इससे पहले यूक्रेन युद्ध के दौरान भी सरकार ने इसी कानून का इस्तेमाल किया था। उस समय तेल कंपनियों को कहा गया था कि वे देश में ईंधन की कमी न होने दें और जरूरत से ज्यादा एक्सपोर्ट न करें।

जानें क्या होती है LPG

एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस मुख्य रूप से दो गैसों का मिश्रण होती है, प्रोपेन और ब्यूटेन। ये दोनों हाइड्रोकार्बन गैसें कच्चे तेल की रिफाइनिंग के दौरान निकलती हैं। इनका उपयोग घरेलू रसोई गैस के अलावा प्लास्टिक उद्योग, औद्योगिक फ्यूल और कई अन्य उत्पादों के निर्माण में भी किया जाता है।