- 30 दिसंबर को समाप्त हो रही है डेडलाइन, एयर कॉनकोर्स और मेन बिल्डिंग के डोम का कार्य अभी भी बाकी
भोपाल। हबीबगंज रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट की डेडलाइन 30 दिसम्बर है, लेकिन अभी भी 20 फीसदी कार्य बाकी है। बंसल पाथ-वे प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंचार्ज अबु आसिफ का कहना है कि रीडेवलपमेंट का कार्य मार्च 2020 तक पूरा हो सकेगा। डेडलाइन बढ़ाने के लिए आवेदन करने के संबंध में फिलहाल बात चल रही है। स्टेशन पर सबसे अधिक कार्य एयर कॉनकोर्स का बचा हुआ है। इसके अलावा मेन बिल्डिंग के डोम का कार्य अगले महीने पूरा हो जाएगा। स्टेशन के रीडेवलपमेंट कार्य की मॉनिटरिंग एजेंसी इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉपोरेशन (आइआरएसडीसी) के ज्वाइंट जनरल मैनेजर राजेश मंडलोई ने बताया कि रीडेवलपमेंट की डेडलाइन 30 दिसम्बर है, कार्य पूरा होने में अभी और वक्त लगेगा। इसका फिलहाल हमारे पास अभी तक कोई आवेदन नहीं आया है।
सब-वे में अभी भी फिनिशिंग का काम बाकी
स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अभी बीच-बीच में टाइल्स का काम भी बाकी है, इसके अलावा स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म पर बनने वाले शौचालय भी फिलहाल नहीं बन सके हैं। स्टेशन के भोपाल और इटारसी छोर पर बनाए गए सब-वे की फिनिशिंग का काम अब भी चल रहा है। भोपाल छोर का सबवे प्लेटफॉर्म-1 से भी फिलहाल नहीं जुड़ सका है। हबीबगंज रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट का कार्य वर्ष 2017 में 100 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ था।
स्टेशन पर लगेंगे 262 कैमरे, इसमें फेस रिकग्राइजेशन कैमरे भी
हबीबगंज स्टेशन पर सुरक्षा के नजरिए से 262 कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। इनमें टीबीजेड, फोर के, मोशन एंड सेंसर कैमरे होंगे। एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर लगे कैमरों की खासियत यह होगी कि यह फेस रिकग्राइजेशन सिस्टम पर आधारित होंगे। बंसल पाथ-वे प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंचार्ज अबु आसिफ ने बताया कि यह पहला मौका होगा जब किसी रेलवे स्टेशन पर इस तरह के कैमरे लगाए जाएंगे। एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर लगे इन कैमरों से प्राप्त होने वाले डेटा को आरपीएफ, जीआरपी व सिविल पुलिस के साथ शेयर किया जाएगा। ताकि अगर कोई अपराधी स्टेशन से गुजरे तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित पुलिस को मिल सके। फेस रिकग्राइजेशन का कार्य एक सॉफ्टवेयर से होगा, यह एक बायोमैट्रिक डिजिटल इमेज कैप्चर करेगा।