हज कमेटी ने बनाए आवेदन जमा करने लिए दो दफ्तर
भोपाल. प्रदेश से हजयात्रा पर जाने वालों की संख्या में इजाफ ा हो सकता है। ये संख्या पांच हजार के पार जा सकती है। सेंट्रल हज कमेटी के जरिए उन राज्यों का कोटा प्रदेश को मिल सकता है, जहां हज आवेदकों की संख्या कम है।
बता दें कि पिछले कई सालों से कोटे में इजाफा होता आ रहा है। बाकी जो लोग शेष हैं उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाला गया है। अतिरिक्त कोटा मिलने पर इस सूची के आधार पर हजयात्रियों का चयन होगा। पिछले वर्ष हज कमेटी ने प्रदेश को अतिरिक्त कोटा दिया था। पहले भी अतिरिक्त कोटा मिलता आया है। ऐसा इस बार भी संख्या बढ़कर पांच हजार पार पहुंचने की उम्मीद है।
दस्तावेज जमा करने पहुंच रहे लोग
प्रदेश के कई जिलों से लोग आवेदन फ ार्म और दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं। लोगों की सहूलियत के लिए स्टेट हज कमेटी ने सिंगारचोली स्थित हज हाउस और ताजुल मसाजिद के पास स्थित हज कमेटी दफ्तर दोनों जगह आवेदन जमा करने की व्यवस्था कर रखी है।
आज पहली किश्त जमा करने का अंतिम दिन
प्रत्येक हजयात्री को पहली किश्त के रूप में आज शनिवार तक 81 हजार रुपए जमा कराने है। इस राशि के चालान के साथ पासपोर्ट, फ ोटो, आवेदन की प्रति, हेल्थ प्रमाण-पत्र सहित दूसरे आवेदन भी कमेटी को जमा कराने होंगे। अंतिम तारीख नजदीक आते ही फ ार्म जमा करने वालों की संख्या और बढ़ रही है।
हजयात्रा पर खर्च होने वाली राशि तय नहीं
हजयात्रा 2020 पर एक हजयात्री को कितना खर्च आएगा ये अभी तय नहीं हुआ। कमेटी पदाधिकारियों के मुताबिक अभी दूसरी किश्त के रूप में प्रत्येक हजयात्री को एक लाख बीस हजार रुपए से ज्यादा जमा करने है। हजयात्रा का खर्च तय होने के बाद बकाया जो भी राशि होगी उसके बाद जमा कराई जाएगी।
कमेटी के जरिए लोगों को जानकारी देने के लिए एक फोन नंबर भी जारी किया गया। प्रदेशभर से कोई भी हजयात्री इससे हजयात्रा और फार्म से जुड़ी जानकारी ले सकता है। उल्लेखनीय है कि इस बार हजयात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कराए गए थे। इन यात्रियों को वे सभी दस्तावेज हज कमेटी को जमा कराने हैं जो ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपलोड किए थे