
भोपाल. मंदाकिनी कॉलोनी की आशा देवलिया बीते दो माह से सीवेज की जाम लाइन को दुरूस्त कराने तमाम जगह शिकायत कर रही है। सीवेज अमले के स्थानीय इंचार्ज एस योगी हर बार शिकायतों का निराकरण ये कहकर कर रहे हैं कि कॉलोनी हैंडओवर नहीं है, हम सफाई नहीं करेंगे। राजहर्ष कॉलोनी के राजीव श्रीवास्तव की लाइन में एक माह से सीवेज चैंबर से निकलकर बह रहा है। निगम के अमले ने कई बार इसे ठीक किया है। अभी जब अमला पहुंचा तो बताया, कॉलोनी निगम के जिम्मे नहीं है, हम मदद नहीं कर सकते।
शहर की 1010 कॉलोनियों के आठ लाख से अधिक लोग निगम की सीवेज शाखा के इसी गैर जिम्मेदार जवाब की वजह से परेशान है। कॉलोनी हैंडओवर नहीं होने से शिकायत पोर्टल से खत्म करने में आसानी होती है। हैरत ये हैं कि निगम की इस शाखा के पास कॉलोनी हैंडओवर का डाटा तक नहीं है, बावजूद इसके इस एक तर्क से लाखों लोगों की परेशानी बढ़ा रखी है। जिन क्षेत्रों में सीवेज लाइन जाम होकर सड़क पर बह रही है वे तो परेशान है कि शहर के बाकी क्षेत्र सीवेज सड़क पर बहने से बढ़ती गंदगी से दिक्कत में है।
इस समय शहर के सबसे बड़े व्यवसायिक क्षेत्र एमपी नगर से लेकर न्यू मार्केट तक में सड़क पर बह रहा सीवेज बड़ी समस्या बना हुआ है। अशोका गार्डन क्षेत्र की सुभाष कॉलोनी से लेकर करोद की एक दर्जन कॉलोनियों में सड़क पर पानी की तरह सीवेज जमा है। कोलार की तो 100 से अधिक कॉलोनियों में दो लाख की आबादी इस समस्या से जूझ रही है, लेकिन निगम कॉलोनी हैंडओवर नहीं है का तर्क देकर जिम्मेदारी से बच रहा है।
हैरत: लाइन पूरे क्षेत्र में, सफाई कुछ क्षेत्र में
कई जगह सीवेज नेटवर्क बिछाने का काम चल रहा है। कोलार, मिसरोद, कटारा हिल्स, सलैया और कई क्षेत्रों में 200 किमी लंबा नेटवर्क बिछाया जा रहा है। उन कॉलोनियों में भी काम हो रहा है जो हैंडओवर नहीं है। जबकि सफाई के लिए हैंडओवर नहीं होने का बहाना बनाया जाता है।
कॉलोनियों में पूरी सुविधाएं जुटाने में कुछ नियम दिक्कत दे रहे हैं। हमने कॉलोनियों को हैंडओवर करने नियम सरल किए। जरूरी सुविधाएं पूरे शहर में निगम दें, इसके लिए भी शासन से चर्चा कर लोगों को राहत देंगे।
आलोक शर्मा, महापौर