जूडा पदाधिकारियों के पंजीयन निरस्तीकरण के आदेश के बाद नाराज हैं चिकित्सा छात्र
भोपाल। प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर बुधवार से काम बंद हड़ताल पर रहेंगे। विभागीय अधिकारियों द्वारा जूडा के पदाधिकारियों के पंजीयन निरस्त करने की धमकी के बाद जूडा ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। दरअसल, जूडा द्वारा अपनी मांगों को लेकर की गई हड़ताल के बाद न्यायालय के कहने के बाद आंदोलन खत्म हो गया था। लेकिन आंदोलन खत्म करने के दौरान चेहरे पर अपनी गलती का भाव ना दिखने से नाराज विभाग के अधिकारियों ने जूडा के तीन पदाधिकारियों के डॉक्टरी पंजीयन निरस्त करने के निर्देश दिए थे। यही नहीं उन्होंने इसके लिए एनएमसी से मार्गदर्शन मांगा गया था। इसमें दो दर्जन जूडा के पंजीयन निरस्त करने का आदेश वापस हो गया लेकिन भोपाल जूडा के तीन पदाधिकारियों के रजिस्ट्रेशन केंसिल करने की कार्रवाई रद्द नहीं हुई। इससे नाराज जूनियर डॉक्टसज़् आज काम बंद हडताल पर रहेंगे। इस हडताल के कारण हमीदिया सहित 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को भारी तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है।
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज सहित इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर्स बुधवार सुबह 8 बजे से ही काम बंद हडताल करेंगे। जूडा भोपाल के अध्यक्ष डॉ. हरीश पाठक का कहना है कि हमने कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान जब रोजाना मौतें हो रहीं थी उस दौरान अपना फर्ज निभाया। छह महीनों से हम अपनी मांगों का निराकरण कराने अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे जब किसी ने नहीं सुनी तब दूसरी लहर खत्म होने के बाद मजबूरन हड़ताल करनी पड़ी। जब तक चिकित्सा शिक्षा विभाग पंजीयन निरस्तीकरण के आदेश को वापस नहीं लेता है तब तक हड़ताल जारी रहेगी।