भोपाल

Health News: बिना फोन बजे सुनाई दे रही रिंग, युवाओं में बढ़ रही दिमाग की ये खतरनाक बीमारी

Health News: अस्पतालों में पहुंच रहे युवा डॉक्टर्स से कर रहे शिकायत, मैसेज, ना नोटिफिकेशन, ना ही आ रहा कोई कॉल, फिर भी सुनाई दे रही फोन की घंटी

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Jul 16, 2024

Health News: अस्पतालों में ऐसे युवा मरीज पहुंच रहे जिन्हें अक्सर मोबाइल फोन की रिंगटोन बजती सुनाई देती है। वे बार-बार अपना फोन चेक करते हैं, लेकिन हकीकत में वह साइलेंट होता है। न ही कोई कॉल आ रही होती है, न कोई मैसेज। चिकित्सकों के अनुसार यह फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम बीमारी है। जो मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से हो रही है।

केस-1

पर्स से फोन की आवाज

32 वर्षीय वर्किंग वुमन साक्षी वाजपेयी ने बताया कि वे काम के दौरान फोन के बारे में सोचती रहती हैं। सोशल इंवेट के दौरान भी बार-बार लगता कि पर्स में फोन बज रहा है। कई बार नींद में भी यह अहसास होता था कि फोन बज रहा है। इमोशनल डिस्टर्बेंस हो रहा है।

केस-2

नोटिफिकेशन की आदत

19 वर्षीय भेल, भोपाल निवासी निकिता यादव ने बताया कि कोरोना के समय मोबाइल में वेब सीरीज देखने और वीडियो कॉल्स की आदत हुई। अब उन्हें अहसास होता था कि नोटिफिकेशन साउंड आया, लेकिन चैक करने पर कुछ होता नहीं।

ऐसी चीज महसूस करना जो असल में है ही नहीं

फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम से एंग्जायटी डिसऑर्डर बढ़ रहा है। इसे टैक्टाइल हेलुसिनेशन कहते हैं, यानी ऐसी चीज को महसूस करना, जो असल में होती ही नहीं है। इसे लर्ड बॉडिली हैबिट्स भी कहा जा रहा है।

क्या है ये बीमारी

फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम की अनुभूति गैजेट्स के ज्यादा प्रयोग से होता है। यह वैसा ही जैसे फैंटम लिंब सिंड्रोम में हाथ-पैर कट चुके व्यक्ति को लगता है कि खुजली हो रही है, जबकि वो अंग है ही नहीं।

-डॉ. आशीष कुमार रस्तोगी

मोबाइल का यूज कर दें कम (Caution)

फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम से बचना है तो मोबाइल का उपयोग कम करें। खेल-कूद, मेल-मिलाप और योग-व्यायाम आदि को जीवन में शामिल करें।

-डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी, मनोचिकित्सक

Updated on:
16 Jul 2024 11:44 am
Published on:
16 Jul 2024 11:33 am
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