भोपाल

एमपी के 12 जिलों में लू की चेतावनी, भीषण गर्मी से पीले पड़े फसलों के पत्ते

Heatwave Warning- 14 जिलों में तापमान 42 के पार, सबसे गर्म रहा खजुराहो तपिश की मार, जिंदगी लाचार, लू के आसार

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Apr 25, 2026
Heatwave Warning Issued for 12 Districts of MP Amidst Scorching Heat(Photo Source- Patrika)

Heatwave Warning- मध्यप्रदेश में सूरज के तेवर और तीखे हो चले हैं। राजस्थान के ऊपर बने सिस्टम और उत्तरी-पश्चिमी हवा के असर से पारा लगातार चढ़ रहा है। हाल यह हैं कि सुबह 9 बजे से ही गर्म हवा के थपेड़े सता रहे हैं। धूप में निकलने पर आंखों में जलन की स्थिति बन रही है। फसलों के पत्ते पीले पड़ रहे हैं तो पालतू मवेशी भी परेशान हैं। उधर, मौसम विभाग ने करीब 12 जिलों में लू की चेतावनी जारी की। राजधानी भोपाल में हीट आइलैंड इफेक्ट से तापमान बढ़ा , शुक्रवार का दिन सीजन का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। यहां भी लू के आसार जताए जा रहे हैं।

छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म, अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज

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शुक्रवार को छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहा। अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 14 जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियश के पार पहुंचा।

ऐसे समझें हालात-आंखों में जलन और आंखें लाल होने की समस्या

अनूपपुर: आंखों में जलन और आंखें लाल होने की समस्या को लेकर जिला अस्पताल में मरीज पहुंच रहे हैं। इस महीने ऐसे लगभग 936 मरीज पहुंचे हैं।

छोटे-बड़े 154 तालाबों में करीब 100 सूख चुके

खरगोन: जिले के छोटे-बड़े 154 तालाबों में करीब 100 सूख चुके हैं। हालांकि जिस खारक तालाब से पेयजल मिलता है, वहां 47 प्रतिशत पानी है।

भोपाल में सीजन का दूसरा सबसे गर्म दिन, अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज, लू के आसार

भोपाल में शुक्रवार इस सीजन का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा, जब अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले 19 अप्रेल को तापमान 41.8 डिग्री तक पहुंचा था।

रात का पारा 3.4 डिग्री उछला: न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक

दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक है। इसमें 3.4 डिग्री की उछाल दर्ज की गई, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।

शहरों में कंक्रीट, डामर की सड़कें, ऊंची इमारतें और कम हरियाली होती है, तो ये सतहें दिनभर सूरज की गर्मी सोख लेती हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं

एक्सपर्ट के अनुसार, शहरों में जब कंक्रीट, डामर की सड़कें, ऊंची इमारतें और कम हरियाली होती है, तो ये सतहें दिनभर सूरज की गर्मी सोख लेती हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं। इसी वजह से शहर का तापमान आसपास के ग्रामीण इलाकों से ज्यादा हो जाता है। इसे ही हीट आइलैंड इफेक्ट कहते हैं।

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Published on:
25 Apr 2026 07:09 am
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