
भोपाल. प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों मूसलधार बारिश (heavy rain) हो रही है। पिछले 36 घंटों में बैतूल, इंदौर, भोपाल सहित अन्य स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। इस दौरान बैतूल में लगभग 6 इंच बारिश दर्ज की गई, इसी प्रकार इंदौर में 5 और भोपाल में 4 इंच बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुवार से सिस्टम आगे की ओर बढ़ेगा। इसके कारण बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आएगी।
रतलाम: रेलवे ट्रैक पर पानी
यहां करीब तीन घंटे में ही तीन इंच बारिश हो गई। शहर की करीब तीस कॉलोनियों में घर में पानी भर गया। रेलवे ट्रैक पर भी पानी जमा हो गया। रतलाम रेल मंडल में बांगरोद से रुनखेड़ा के बीच बिजली का तार रेलवे ट्रैक पर गिरा तो मुंबई-रतलाम-नई दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग ठप हो गया और कई ट्रेन को अलग-अलग रेलवे ट्रैक पर खड़ा रखना पड़ा। रेलवे ने कुछ यात्री ट्रेन को निरस्त भी किया।
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नर्मदापुरम: माचना नदी के पुल पर पानी, चार घंटे हाईवे रहा बंद
मंगलवार को बैतूल और आसपास हुई बारिश के कारण कई जगह निचली बस्तियों में पानी पानी भर गया। शाहपुर में माचना नदी के पुल पर पानी आने से बैतूल-भोपाल नेशनल हाईवे करीब 4 घंटे तक बंद रहा। उधर, इटारसी-तवा डैम के 13 गेटों को 10-10 फीट की ऊंचाई पर खोला गया।
बुरहानपुर: पारस डैम के गेट खोलने से ताप्ती नदी में बाढ़
लगातार बारिश से यहां नदी-नाले उफान पर हैं। बैतूल के पारस डैम से 1500 क्युमेक्स पानी छोड़ने के बाद ताप्ती नदी का जलस्तर बढ़ गया। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए घाटों पर लोगों का प्रवेश बंद कर डीआरसी का रेस्क्यू बल तैनात किया। इस सीजन में चौथी बार ताप्ती खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
खरगोन: कुंदा में आई बाढ़
तेज बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर । पहाड़ों से बहकर शहर तक पहुंची कुंदा नदी में भी बाढ़ जैसे हालात बने। शहर के नीचले क्षेत्र में ग्राम अवरकच्छ के पास बना नदी का रपटा जलमग्न हो गया। यहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने सुरक्षा बोर्ड भी लगाए हैं लेकिन इसके बावजूद लोग जलमग्न रपटे से नदी पार करते नजर आए।
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आगे क्या: कमजोर होगा सिस्टम
मौसम विज्ञानिक रेडार डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि इस समय सागर, दमोह की ओर एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसी प्रकार मानसून द्रोणिका अहमदाबाद, राजगढ़, निम्नदाब क्षेत्र से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक है। इंदौर संभाग की ओर भी एक सीयर जोन बना हुआ है। इसके कारण बारिश हो रही है। यह सिस्टम थोड़ा कमजोर होगा और आगे की ओर बढ़ेगा। इसके कारण रीवा, चंबल संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसी प्रकार राजस्थान और गुजरात से सटे इलाकों में भी बारिश देखने को मिलेगी।
यहां भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, जबलपुर संभागों के जिलों के साथ इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, डिंडोरी, अनुपपूर और सागर जिलों में अनेक स्थानों पर भारी से अतिभारी हो सकती है।
देवास: कई रास्ते बंद, दुकानों में पानी
मंगलवार देर रात से शुरू भारी बारिश का दौर बुधवार दोपहर तक चला। भारी बारिश से शिप्रा, कालीसिंध, गांगी नदी सहित कई नदी-नाले उफान पर आ गए। नदी-नाले उफान पर आने से इंदौर-बैतूल, नेवरी-देवास, बागली-चापड़ा, डबलचौकी-देवास, नागदा-देवास, हाटपीपल्या-देवगढ़ मार्ग सहित अन्य मार्ग कई घंटे बंद रहे। सोनकच्छ में कालीसिंध नदी उफान पर होने से पानी बस स्टैंड क्षेत्र तक पहुंचा गया। उधर नेवरी में बस स्टैंड की कुछ दुकानों में पानी घुसा। सोनकच्छ तहसील के ग्राम बिसाखेड़ी में दो ग्रामीण नदी उफान पर आने से फंस गए, जिन्हें बचाया गया।