26 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर 2 घंटे में फैसला, चुनाव आयोग से मिला कांग्रेस डेलीगेशन

Meenakshi Natarajan nomination: राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के फैसलेको लेकर कांग्रेस के हाई-लेवल डेलीगेशन ने चुनाव आयोग के साथ मुलाकात कर शिकायत की।
2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Akash Dewani

Jun 10, 2026

Statement by Congress leader Abhishek Singhvi regarding the Meenakshi Natarajan case

Meenakshi Natarajan nomination मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर फैसला (फोटो सोर्स- ANI)

Rajya Sabha Elections: मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में टेंशन बढ़ी जा रही है। मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन (Meenakshi Natarajan nomination) रद्द किए जाने के बाद बुधवार दोपहर कांग्रेस के हाई-लेवल डेलीगेशन ने चुनाव आयोग के साथ मुलाकात कर शिकायत की। इस डेलीगेशन में कांग्रेस के पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, पार्टी के सीनियर नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी, रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा सहित पार्टी के बड़े नेता शामिल थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित दोनों चुनाव आयुक्तों से भी मुलाकात की। अभिषेक मनु सिंघवी ने मीडिया से बातचीत कर मीटिंग का ब्रीफ दिया। बताया जा रहा है कि दो घंटे के अंदर चुनाव आयोग इस पर निर्णय ले सकता है।

2+2= 7 लिखने जैसी गलती- सिंघवी

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Singhvi) ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना, 2+2= 7 गलती करने जैसा है। उन्होंने चुनाव आयोग को की अपनी शिकायत में कहा कि- निर्वाचन अधिकारी (आरओ) के इस असंवैधानिक तथा लोकतंत्र विरोधी फैसले को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। सिंघवी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि हमने चुनाव आयोग के समक्ष विस्तार से अपनी बात रखी है। हमने चुनाव आयुक्तों से बात कर उन्हें अपनी तरफ से साबित किया निर्वाचन अधिकारी द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का आदेश गलत था। सिंघवी ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33A का हवाल देते हुए कहा कि इस नियम के अनुसार किसी भी प्रत्याशी को सिर्फ उन्ही मामलों का खुलासा करना जरूरी है जहां सजा दो साल से अधिक हो या उन मामलों में जहां आरोप तय किए जा चुके हो। यह एक ज्यूडिसियल प्रोसेस है जिसे सिर्फ जज तय कर सकता है।

दो घंटे मी आ सकता है फैसला- कांग्रेस नेता

कांग्रेस की शिकायत में आगे यह बात भी बताई गई कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जिस मामले के कारण निरस्त किया गया है उस पर कोर्ट ने संज्ञान नहीं लिया है और संज्ञान के बिना कानून की नजर में ये कोई आपराधिक मामला बनता नहीं है। इसका मतलब है कि मीनाक्षी पर कोई आपराधिक मामला नहीं था जिसे वह बता सकती थीं। सिंघवी ने आगे कहा कि निर्वाचन अधिकारी (RO) के आदेश में संज्ञान शब्द का इस्तेमाल किया गया है लेकिन असल में कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया था। कांग्रेस डेलीगेशन ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह अपना फैसला तुरंत ले। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने शिकायत पर विचार करने के लिए 2 घंटे का समय मांगा है। इसका मतलब ये है कि दो घंटे के भीतर मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर बड़ा फैसला आ सकता है। हालांकि, अभी तक इस मामले पर चुनाव आयोग ने कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया है। बता दें कि, राज्यसभा चुनाव 18 जून होने वाले है।