Mercy petitions- गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि राज्य में दया याचिकाओं का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है
Mercy petitions- एमपी के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बंदियों के सुधार पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप में किया जाना चाहिए। कार्य का दृष्टिकोण मानवतावादी हो। भाव संवेदनशील और विचारशील होना जरूरी है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पुनर्वास प्रयासों में सकारात्मक सोच के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सोमवार को लोकभवन में गृह एवं जेल विभाग के अधिकारियों के साथ इस संबंध में व्यापक चर्चा की। इस अवसर पर प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि राज्य में 18 दया याचिकाओं का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम बंदियों की सोच को रचनात्मक दिशा देने, भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने में बहुत सहयोगी होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जेलों में बंद मामूली अपराधों के विचाराधीन कैदियों को केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक सुधार के जरिए समाज की मुख्य धारा में वापस भेजना पुनर्वास प्रयासों का मूलाधार होना चाहिए।
‘मन की बात’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा इसको सुनकर जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों को देश की प्रगति और प्रेरक कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उनके जीवन में आशावाद और नव-निर्माण का संचार होगा। बंदियों के भीतर छिपी नकारात्मकता में कमी आएगी। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-सुधार की भावना जागृत होगी।
लोकभवन में हुई इस अहम बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जेल विभाग के विशेष महा निदेशक अखितो सेमा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने जेलों में लंबित दया याचिकाओं, महिला बंदियों के बच्चों के उचित लालन-पालन की व्यवस्थाओं, महिला बंदियों के पुनर्वास, दिव्यांग एवं बुजुर्ग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता और श्रम शक्ति के उत्पादक गतिविधियों में नियोजन के संबंध चर्चा की।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बैठक में अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेल विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में प्राप्त सभी दया याचिकाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी बनाया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 180 देशों के 11 लाख लोगों के द्वारा देखे जाने वाले गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में प्रसारण की अभिनव पहल जेल विभाग द्वारा की गई है। साप्ताहिक प्रसारण में गीता के श्लोक का शुद्ध उच्चारण और श्लोक का भावार्थ कर समझाया जाता है।