
JN-1 variant of Corona - कोरोना एक बार फिर डराने लगा है। देश में जहां इसके 300 से ज्यादा मरीज सामने आए वहीं प्रदेश के इंदौर में भी 2 एक्टिव केस हैं। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि कोरोना का नया जेएन-1 वैरिएंट तेजी से फैलता है। इधर एमपी के अस्पतालों में कोरोना के इलाज की सुविधाएं अव्यवस्थाओं की भेंट चढ चुकी हैं। राजधानी भोपाल के ही कई सरकारी अस्पतालों में आरटीपीसीआर जांच किट नहीं है हालांकि सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने दावा किया है कि भोपाल के सभी जांच केंद्रों पर आरटीपीसीआर किट उपलब्ध है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, कोई नई गाइड लाइन भी जारी नहीं की गई है।
कोरोना की आहट सुनाई देते ही प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारी सतर्क हो गए हैं। खासतौर पर सभी बड़े शहरों में स्थिति की पड़ताल की जा रही है। जबलपुर में कोविड को लेकर सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। जिला अस्पताल, मेडिकल और सिहोरा के सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में सब कुछ ठीक है।
ग्वालियर के सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड पीड़ित के लिए एक वार्ड रिजर्व कर रहे हैं। फिलहाल यहां एक भी मरीज नहीं है। हमने दो दिन पहले ही ऑक्सीजन प्लांट चेक किए हैं।
राजधानी भोपाल में कोविड को लेकर तैयारियां अधूरी सी दिख रहीं हैं। भोपाल के प्रमुख सरकारी अस्पतालों जेपी और हमीदिया अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच किट नहीं है। इधर सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने सभी जगहों पर आरटीपीसीआर जांच होने का दावा किया है। उनका यह भी कहना है कि भोपाल के सभी अस्पताल हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
राजधानी के प्राइवेट जांच केंद्रों पर कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के रेट 1000 से लेकर 1200 रुपए बताए जा रहे हैं।
इधर विशेषज्ञों ने बताया है कि कोरोना का नया जेएन-1 वैरिएंट तेजी से फैल रहा है। इससे बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जरूरी है। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने आदि उपायों को फिर अपनाना होगा।