Houses and Shops will be demolished: री-डेवलपमेंट का रास्ता साफ हो गया है। टेंडर भी फाइनल हो गया है। शहर के पुराने मकान और दुकान तोड़ 75 मीटर ऊंचाई के चार नए बहुमंजिला टावर बनेंगे।
Demolished: राजधानी भोपाल में 5 नंबर स्थित रविशंकर शुक्ल मार्केट (आरएसएस मार्केट) के री-डेवलपमेंट का रास्ता साफ हो गया है। 50 साल पुराने इस मार्केट को हाउसिंग बोर्ड 650 करोड़ रुपए की लागत से री-डेलवेपमेंट करने जा रहा है। इसका टेंडर भी फाइनल हो गया है। यहां पुराने मकान और दुकान तोड़ 75 मीटर ऊंचाई के चार नए बहुमंजिला टावर बनेंगे। 50 साल पुराने जर्जर हो चुके मकानों और दुकानों की जगह हाउसिंग बोर्ड रहवासियों को नए घर और दुकान बनाकर देगा। नए मकान और दुकान पहले से 20 फीसदी ज्यादा बड़े होंगे। हाउसिंग बोर्ड नए दुकान-मकान फ्री में बनाकर देगा।
अभी आरएसएस मार्केट में 65 दुकानें और 165 मकान हैं। इन सभी को नए प्रोजेक्ट में मकान-दुकान दिए जाएंगे। नए प्रोजेक्ट में वन बीएचके के 80, 2 बीएचके के 120, 3 बीएचके के 40, 4 बीएचके के 140 और 129 नई दुकनें बनेंगी। इस तरह नए खरीदारों के लिए 215 फ्लैट और 64 नई दुकानें उपलब्ध होंगी।
जवाहर चौक के पास 19.21 एकड़ में सरस्वती नगर के री-डेवलपमेंट का भी रास्ता साफ हो गया है। हाउसिंग बोर्ड 1000 करोड़ रुपए से इस प्रोजेक्ट को विकसित कर रहा है। इसकी डीपीआर पर कंसल्टेंट फर्म काम कर रही है।
मेट्रो रेल कारपोरेशन ने ब्लू लाइन के हिस्से में डिपो चौराहा से जहांगीराबाद के बीच एलिवेटेड के पीलर्स का काम शुरू कर दिया है। इस लाइन को वीआइपी क्षेत्र और संवेदनशील बताते हुए अंडरग्राउंड करने के लिए सांसद आलोक शर्मा ने मांग की थी। ङ्क्षमट्रो हॉल समेत राज्यपाल भवन व अन्य प्रशासनिक भवन इसी ट्रैक पर होने से एलिवेटेड लाइन को खतरा बताया था। हालांकि अब एलिवेटेड पर ही ट्रेन दौड़ेगी, ये सुनिश्चित किया जा रहा है।
भदभदा से रत्नागिरी तक 14 किमी लंबाई में मेट्रो लाइन तय है। इसमें रायसेन रोड वाले हिस्से के साथ ही पुल बोगदा और प्रभात चौराहा की ओर काम किया जा रहा है। डिपो चौराहा से जहांगीराबाद के बीच में ही अभी काम शुरू नहीं हुआ था। अब इसे शुरू कर दिया गया है। शहर में इस समय मेट्रो की ऑरेंज और ब्लू लाइन पर काम चल रहा है। ऑरेंज लाइन ए्स से करोद के बीच है, जबकि ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी तक है। पुल बोगदा पर ये दोनों एक-दूसरे को क्रॉस करेगी। यहां जंक्शन बनेगा। इसके लिए ङ्क्षटबर मार्केट को हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।