IAS MEET 2025 Bhopal: भोपाल में आयोजित IAS सर्विस मीट में रिटायर्ड महिला IAS अधिकारी ने हर किसी को किया हैरान। पहली बार ड्रैगन बोट रेस में उतरीं मैडम की बातों में छलकी जिंदादिली, उम्र 55 की दिल बचपन का' कहावत चरितार्थ करतीं इस महिला अधिकारी को पानी में उतरते ही लगा डर, पानी, संतुलन और बढ़ा हुआ वजन... इन्हें सबकी चिंता थी। रेस खत्म होते ही तपाक से बोलीं... अब हर बार खेलूंगी...आप भी सुनें 63 की उम्र में बच्चों सा जज्बा दिखाती प्रेरणादायक कहानी...
IAS MEET: राजधानी भोपाल में दो दिवसीय IAS सर्विस मीट 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल होने भोपाल पहुंचीं रिटायर्ड IAS महिला रेणु तिवारी का जज्बा देखते बना। patrika.com का उनका वीडियो हर किसी को प्रेरित करने वाला है। ड्रैगन रेस में शामिल होने के लिए पानी पर उतरीं ये महिला अधिकारी भले ही रेस में डरते-डरते हुए शामिल हुईं, लेकिन जब बोट से उतरीं तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी। बोट से उतरते ही जब उनसे पूछा कि एक्सपीरियंस कैसा रहा, तो उनका जवाब सुनकर हर कोई हैरान रह गया। खुशी से मुस्कुराते हुए बोलीं… अरे बाबा… बड़ा डरावना और सुनाई पूरी कहानी। आप भी सुनें इनकी उम्र और जज्बे की कहानी…
पत्रिका फोटो और वीडियो ग्राफर अजय शर्मा ने रिटायर्ड IAS महिला से पूछा…कैसा रहा आपका अनुभव…? देखें कैसे दिया जवाब?
-अरे बाबा… बड़ा डरावना रहा भाई…मैं तो यूं-यूं हिल रही थी…
-पहली बार लगा कि मेरा वजन ज्यादा है, लेकिन फिर एडजस्ट किया
-हर बार लग रहा था कि कहीं बैलेंस न बिगड़ जाए…
-कहीं मैं गिर न जाऊं…?
बता दें कि अधिकारी रेणु तिवारी ने बताया कि वे 2000 बैच की IAS अधिकारी हैं। आज वे रिटायर्ड हो चुकी हैं। 60 से ज्यादा उम्र पार कर चुकीं रणु ने भोपाल के बोट क्लब पर ड्रैगन रेस जीती और अब बार-बार इस रेस को खेलने की बात कही। उनका जज्बा उनके चेहरे पर और आवाज में साफ झलकता नजर आ रहा था। उनके चेहरे पर नजर आ रही खुशी की चमक यह साबित कर रही है कि जज्बा उम्र और पद से बड़ा होता है।
रेणु तिवारी ने बताया कि पहले डर लग रहा था, लेकिन फिर बोट राइडर ने उन्हें समझाया कि वे किस तरह बैठें तो उन्हें डर नहीं लगेगा। वे बिल्कुल सुरक्षित हैं और पानी में नहीं गिरेंगी। बोलीं, तब जाकर मेरा डर दूर हुआ। खुशी से चहकती हुई बोलीं कि उन्होंने रेस जीत ली है। वो दो बार ड्रैगन रेस में शामिल हुई, दोनों बार उनकी टीम जीत गई। उन्होंने बताया कि कैसे उनका डर पीछे छूट गया और उनकी टीम ने जीत हासिल की।
जीत की खुशी जाहिर करते हुए रेणु ने कहा कि वे स्टेट लेवल पर कई गेम्स में पार्टिसिपेट कर चुकी हैं। लेकिन पानी में पहली बार उतरी हैं। उनके लिए पानी पर हुई ड्रैगन रेस का पहला अनुभव है था और एक दम नया भी। रेणु ने अनुभव शेयर करने के साथ ही यह भी कहा कि पहली बार खेली हैं, लेकिन ये आखरी बार नहीं है। अब वे इसे हर बार खेलेंगी। उनकी आवाज में आत्मविश्वास और आंखों में चमक साफ दिख रही थी।
बता दें कि राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय IAS सर्विस मीट का आज आखरी दिन था। आज शनिवार को मीट में शामिल हुए एमपी के IAS अधिकारी सुबह होते ही बड़े तालाब पर बोट क्लब पर पहुंच गए। जहां सभी ने खूब एंजॉय किया।
उनका यह बयान केवल एक खेल तक सीमित नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि नई चुनौतियों से डरने की बजाय उनका मुकाबला करते हुए आगे बढ़ो। IAS सर्विस मीट में शामिल हुई रणु तिवारी की यह कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों से भरा लंबा करियर पूरा करने वाली रेणु ने बताया कि वे भोपाल में ही रहती हैं। उन्होंने बताया कि अपने 24 साल के करियर में एमपी के ज्यादातर सरकारी विभागों में काम करने का अनुभव रखती हैं। बड़वानी की कलेक्टर रहीं। पहली महिला कमिश्नर चंबल रहीं, एसडीएम भैंसदेही और आष्टा रही। लेकिन आज 63 सील की उम्र में भी उनमें सीखने और खुद को चुनौती देने का जज्बा है। बातें करने का अंदाज जिंदादिली से भरा है। वह कहती हैं कि असली ताकत शरीर में नहीं, सोच में होती है। उम्र, डर और सीमाएं-सब वहीं रुक जाती हैं, जहां हौसला आगे बढ़ने का फैसला कर लेता है।