
IAS Parth Jaiswal - प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 8 आइएएस अफसर बदल दिए। बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीणा को छतरपुर की कमान दी है। यहां के कलेक्टर पार्थ जैसवाल को अब शहडोल का कलेक्टर बनाया है। खास बात यह है कि उनसे स्वयं सीएम मोहन यादव ने कार्यकाल की जानकारी ली थी। 5 दिन बाद आइएएस पार्थ जैसवाल को छतरपुर से हटाकर नया दायित्व दे दिया। वे शहडोल के जिला पंचायत सीईओ रह चुके हैं। पार्थ जायसवाल यहां भी करीब पांच वर्षों तक रहे। वे जुलाई 2019 से अगस्त 2024 तक शहडोल में पदस्थ रहे।
राज्य सरकार ने दो महिला अफसरों का तबादला आदेश तो 4 दिन में ही पलट दिया जिनमें 2016 बैच की IAS अधिकारी मिशा सिंह भी शामिल हैं। उनकी पोस्टिंग को लेकर सबसे बड़ा बदलाव किया गया। ग्वालियर अपर कलेक्टर कुमार सत्यम बालाघाट कलेक्टर बनाए गए।
2016 बैच की महिला आइएएस मिशा सिंह ने कलेक्टरी लेने से मना किया तो आदेश में बदलाव कर नगरीय प्रशासन अपर आयुक्त बनाया है। मिशा रतलाम कलेक्टर थीं। उन्हें शनिवार को शहडोल कलेक्टर बनाया था। दो दिन पहले जारी तबादला सूची में अब संशोधन कर नई पोस्टिंग दी गई है।
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 2015 बैच के आईएएस अधिकारी पार्थ जायसवाल को शहडोल का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। वे छतरपुर कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। कलेक्टर पार्थ जैसवाल से सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को ही पूछा था-छतरपुर में कितना समय हुआ? पार्थ ने दो वर्ष से ज्यादा बताया था। 5वें दिन उन्हें शहडोल भेज दिया।
आइएएस पार्थ जैसवाल की शैक्षणिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। पार्थ जैसवाल भारतीय वन सेवा के लिए भी चुने गए थे जिसमें उनकी ऑल इंडिया 5वीं रैंक थी। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (2014) में वे ऑल इंडिया 299वीं रैंक पर रहे थे।
शहडोल में जिला पंचायत सीईओ के रूप में पार्थ जैसवाल ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और आजीविका मिशन जैसी ग्रामीण विकास की योजनाओं में खासी काम किया। अगस्त 2024 में उन्हें छतरपुर का कलेक्टर बनाया गया। पार्थ जायसवाल अब जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर शहडोल लौट रहे हैं।