
IAS Rakesh Aggarwal : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या कर दी गई है। इससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई। रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की उनके घर में ही हत्या की गई है। रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में यह घटना घटी।वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे। पुलिस के अनुसार रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल के साथ हुई इस वारदात में शुरुआती तौर पर घर पर काम करने वाले नौकर पर शक जताया जा रहा है। वह लापता है। आरोपी नौकर ने घर को गैस से उड़ाने की भी कोशिश की थी हालांकि इसमें वह नाकामयाब रहा। खास बात यह है कि रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हमेशा लोगों को नौकरों को उचित जांच पड़ताल करने के बाद ही रखने की सलाह देते थे। नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक के रूप में उन्होंने प्रदेश के अनेक अफसरों को प्रशिक्षण दिया था।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के घर का नौकर गायब है। उसे दो दिन पहले ही नौकरी पर रखा गया था। वारदात का खुलासा तब हुआ जब राकेश अग्रवाल की पत्नी ने सुबह करीब 4.30 बजे अपने कुक राजन थापा को फोन कर बुलाया। वे सुबह घूमने जाती हैं लेकिन मेन गेट का दरवाजा बाहर से बंद था।
राजन थापा को फोन लगाकर बुलाने के बाद पत्नी ने राकेश अग्रवाल के कमरे का दरवाजा खोला। तब वे जमीन पर पड़े दिखे। नौकर राजन थापा के अनुसार रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के कमरे का दरवाजा बमुश्किल खुला था। वहां गैस की बदबू आ रही थी। अंदर जाकर देखा तो सिलेंडर से रेग्युलेटर निकला हुआ था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि अधिकारी के निवास को उड़ाने की कोशिश की थी। गैस में लगी पिन के कारण पुलिस यह शक जता रही है।
रिटायर्ड IAS अफसर राकेश अग्रवाल के नौकर का नाम वरुण कुमार बताया जा रहा है। वह पंजाब का रहनेवाला था। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के IAS थे। वे मध्यप्रदेश केडर के अफसर थे। रिटायर्ड होने के पूर्व उन्होंने प्रदेश के प्रशासन में कई पदों पर सेवाएं दीं। IAS राकेश अग्रवाल कलेक्टर रहे, उपसचिव बने, संयुक्त संचिव, अतिरिक्त सचिव, सचिव भी बने। प्रशासन में प्रबंध निदेशक और निदेशक का दायित्व भी संभाला।
IAS राकेश अग्रवाल को मैनेजमेंट में गहरी रुचि थी। उन्होंने एमबीए भी किया था। 2 जून 1956 को जन्मे राकेश अग्रवाल ने राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री ली। उन्होंने एलएलबी भी किया। सिविल सेवा में आने के बाद भी मैनेजमेंट से उनका लगाव कम नहीं हुआ। IAS राकेश अग्रवाल ने 1 दिसंबर 2011 में आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का कामकाज संभाला। यहां के महानिदेशक के रूप में अपने प्रबंधन कोैशल का भरपूर इस्तेमाल किया। आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी में IAS राकेश अग्रवाल 30 जून 2016 तक रहे। करीब 5 साल की इस अवधि में प्रदेशभर के अधिकारियों को प्रशासन व प्रबंधन के गुर सिखाए।