
IAS Sanket Bhondve : मध्यप्रदेश में आगामी दिनों में अनेक बड़े आयोजन होने हैं। इनमें 2 साल बाद उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ भी शामिल है। बड़े आयोजनों के लिए केंद्र सरकार की मदद की दरकार है। राज्य सरकार को एक ऐसे अधिकारी की जरूरत थी जो केंद्र से तालमेल बैठाकर प्रदेश के हित में काम करा सके। इसके लिए प्रदेश शासन ने आइएएस संकेत भोंडवे को चुना है। उन्हें आवासीय आयुक्त दिल्ली का प्रभार दिया गया है। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के बीच समन्वय स्थापित कर राज्य के हितलाभ देखने के नजरिए से यह अहम पद है जिसके लिए आइएएस संकेत भोंडवे पर भरोसा जताया गया है। इधर आइएएस भरत यादव की भी 20 माह बाद मंत्रालय में वापसी हुई है। उन्हें जनसंपर्क के सचिव का भी प्रभार दिया गया है।
आइएएस भरत यादव पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में रह चुके हैं। उनके खिलाफ कुछ बातें सामने आईं तो जनवरी 2024 में सीएमओ से बाहर कर दिया गया। भरत यादव को एमपीआरडीसी का जिम्मा सौंप दिया गया। तब इसकी काफी चर्चा हुई थी।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक आइएएस भरत यादव के खिलाफ कई तरह के नैरेटिव गढ़े गए थे। हालांकि बाद में सारी बातें साफ हो गईं। आइएएस भरत यादव के खिलाफ किसी भी मामले में मध्यप्रदेश सरकार को कोई ठोस सबूत या दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद उन्हें एक और अहम जिम्मेदारी दी गई है।
मध्यप्रदेश सरकार ने अब आइएएस भरत यादव को जनसंपर्क विभाग का सचिव बनाया है। उन्हें अतिरिक्त प्रभार के रूप में यह दायित्व दिया गया है। आइएएस भरत यादव के पास एमपीआरडीसी का जिम्मा पूर्व की तरह बना रहेगा।
इधर आइएएस संकेत भोंडवे भी सरकार की नजर में चढ़ गए लगते हैं। वे अभी नगरीय विकास विभाग के आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आइएएस संकेत भोंडवे को अब आवासीय आयुक्त मप्र भवन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अनेक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश सरकार के सूत्रों के मुताबिक आवासीय आयुक्त दिल्ली का प्रभार सौंपना आइएएस संकेत भोंडवे के बेहतर भविष्य का भी संकेत है। अब वे दिल्ली में मध्यप्रदेश सरकार से जुड़े कई काम देख पाएंगे। आइएएस संकेत भोंडवे पदीय दायित्व के साथ प्रदेश सरकार और केंद्र के बीच तालमेल बैठाएंगे। सिंहस्थ और दूसरी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए इस काम के लिए उनका चयन किया गया है।