MP News: प्रशासन ने अवैध कॉलोनी की सूची तैयार की तो स्थिति सामने आई। अब इन्हें नोटिस जारी कर हटाने की कवायद की जा रही है।
MP News: भोपाल मास्टर प्लान की देरी शहर किनारे के वनक्षेत्र व कैचमेंट पर भारी पड़ी। 30 फीसदी क्षेत्र में निजी कॉलोनियां विकसित हो गई। प्रशासन ने अवैध कॉलोनी की सूची तैयार की तो स्थिति सामने आई। अब इन्हें नोटिस जारी कर हटाने की कवायद की जा रही है। टीटी नगर नजूल क्षेत्र से जिन नौ कॉलोनियों को चिह्नित किया है।
बुधवार से यहां कार्रवाई शुरू होगी है। कैचमेंट में अवैध कॉलोनी मामले में राहुल जैन, कमलेश बड़गैया, कैलाश मारण, गोविंद कहारे, शकील खान, आशीष अरोरा, गंगाराम चौहान, अरविंदर सिंह को नोटिस दिए गए हैं।
अवैध कॉलोनियों को लेकर टीम ने कार्रवाई शुरू की है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में चिह्नित अवैध कॉलोनियों को हटाएंगे। अन्य अवैध कॉलोनियों को भी शामिल करेंगे। - विनोद सोनकिया, एसडीएम
कैचमेंट टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि अभी 2005 का एक्सपायर मास्टर प्लान लागू है। इसमें वनक्षेत्र व कैचमेंट को लेकर प्रावधान लचीले हैं। नए प्लान में यहां अलग नियम बनाए गए थे। ड्राफ्ट जारी हुआ, लेकिन लागू नहीं किया। इससे पुराने नियमों पर ही काम हो रहा है। मास्टर प्लान नया लागू होता तो वन व कैचमेंट संरक्षित हो जाते।
-प्रशासन की रिपोर्ट में केरवा डैम वनक्षेत्र से लेकर मेंडोरा, मेंडोरी होते हुए समसगढ़ बाघभ्रमण क्षेत्र तक कॉलोनियां विकसित की जा रही है। यहां प्रशासन ने 21 कॉलोनियां समेत बड़े निर्माण चिन्हित किए थे। एक साल में 87 शिकायतें, निराकरण एक का भी नहीं..।
-कैचमेंट से लेकर केरवा, कलियासोत वनक्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रशासन के पास बीते एक साल में 87 शिकायतें पहुंची है। शिकायतकर्ता राशीदनूर खान ने ही 30 शिकायतें की, लेकिन एक का भी निराकरण नहीं किया गया। सबसे बड़ी शिकायत केरवा डैम में मुरम मलबे की फिलिंग कर प्लॉटिंग की थी। यहां 1000 से अधिक डंपर मुरम से डैम का एक कोना भर दिया गया था। मुरम अब तक पूरी नहीं निकाली गई।