भोपाल

भूकंप आने पर इन तरीकों से खुद को बचाएं, बेहद काम की हैं ये सावधानियां

एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि, ऐसी स्थिति में लोगों को भी भूकंप के बारे में जानकारी होना तो जरूरी है ही, साथ ही उसे लेकर जागरूकता होना भी जरूरी है, तो आइये जानते हैं इसके बारे में...।

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भूकंप आने पर इन तरीकों से खुद को बचाएं, बेहद काम की हैं ये सावधानियां

भोपाल/ एक तरफ जहां देशभर में कोरोना वायरस बड़ी तेजी से अपने पाव पसार रहा है। वहीं, देश में खगोलिय घटनाएं भी आम हो गईं हैं। बीते कई दिनों से हम देख रहे हैं, कि, उत्तर भारत में लगातार भूकंप के झटके आना एक आम सी बात हो गई हैं। देश की राजधानी दिल्ली तो मानों भूकंपों का केन्द्र बन गई है। इन भूकंपों का असर मध्य प्रदेश के वातावरण पर भी पड़ रहा है। वैज्ञानिक मानते हैं कि, जमीन में होने वाली उथल पुथल से समंदर में तक चक्रवात बनता है। जिसके प्रभाव से बारिश भी कम या ज्यादा होती है। वहीं, एक्सपर्चट्स का मानना है कि, आगामी दिनों में भी देश में कई बड़े-छोटे भूकंप आने की प्रबल संभावना है, जिसका असर एमपी पर भी पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि, ऐसी स्थिति में लोगों को भी भूकंप के बारे में जानकारी होना तो जरूरी है ही, साथ ही उसे लेकर जागरूकता होना भी जरूरी है।


भूकंप आने से पहले क्या करें?

अपने घर को सुरक्षित बनाने के लिए आपको कई तरीके अपनाने चाहिए। इसमें सबसे खास ये कि, अगर आपका घर पुराना है तो, घर की संभावित कमजोर स्थानों को पहचानें। घर में कई चीजें ऐसी होती है, जो जमीन में कमपन होने के कारण गिर कर टूट सकती है, तो उन्हें व्यवस्थित स्थान पर रखें। बुक केस को दीवार पर बोल्ट कर सकते हैं और अलमारी पर कुंडी लगाकर रखें। गैस कनेक्शन को हमेशा इस्तेमाल के बाद बंद कर देना चाहिए।


इमरजेंसी किट बनाएं

जिन इलाकों में अधिक भूकंप आता है, वहां के लोगों को इमरजेंसी किट बनाकर रखना चाहिए। इस किट में कम से कम 72 घंटों तक इस्तेमाल में आने वाली चीजें होना चाहिए, जैसे पानी, सूखा भोजन और अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति जो आपके लिए जरूरी हैं। अगर आप कोई रेग्युलर दवा लेते हैं, तो उसे भी उस किट में रख लें। किट तैयार करके उसका स्थान सुनिश्चित करें और इसके बारे में घर के सभी सदस्यों को अवगत करें, ताकि समय पर उसका इस्त्माल किय जा सके।


जमीन हिले तो करें ये काम

भूकंप के झटके महसूस होने पर जितनी जल्दी हो सके घर के अंदर रहकर बचने का प्रयास करें। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, भूकंप के झटके महसूस होने पर ये तीन कार्य करना चाहिए। ड्रॉप, कवर और होल्ड। इन्हें भूकंप के दौरान किया जाने वाला जीवन का त्रिकोण भी कहा गया है। आइये जानते हैं, क्या है जीवन का त्रिकोण।


-ड्रॉप

खुद को बचाने के लिए किसी टेबल या अन्य चीज के नीचे छिपें उसके बाद वहां से घुटनों और हाथों के बल निकलें। ऐसा करना खुद को बचाने की आदर्श स्थिति में आता है।

-कवर

अपने आप को मलबे से बचाने के लिए अपने सिर और गर्दन पर हाथ रखें। आपके नज़दीक जो भी मज़बूत चीज हो, जैसे मेज या अन्य आश्रय तुरंत उसके नीचे रहें, जब तक कि झटकों रुक न जाएं। इस दौरान दीवारों, उंची वस्तुओं और फर्नीचर से दूर हट जाएं। एक आम गलतफहमी ये है कि भूकंप के दौरान दरवाजे सबसे अच्छी सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन आपका घर पुराना है, तो यह सही नहीं है।

-होल्ड

जब तक झटके रुक न जाएं कवर के नीचे रहें। अगर आप एक मेज के नीचे हैं, तो इसे एक हाथ से पकड़े रहें. यदि आप खुले में हैं, तो अपने सिर और गर्दन को अपनी बाहों से बाहों से ढंक लें।

Published on:
08 Jun 2020 10:28 pm
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