
भोपाल. रियल एस्टेट ग्रुप पेप्टेक पर चल रही आयकर विभाग की जांच में दूसरे दिन काफी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। ग्रुप के कर्ताधर्ताओं ने अपने कर्मचारियों के नाम से ही बैंक में पैसा जमा कर उसी पैसे से लोन लेना दिखा दिया।
कर्मचारियों के कम वेतन और बड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने पर आयकर विभाग की जांच टीम ने अब कर्मचारियों से पूछताछ करने का निर्णय लिया है। विभाग को उम्मीद है कि चौरसिया ग्रुप ने 15 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी की है। जांच टीम को चौरसिया बंधुओं के अलग अलग ठिकानों से 35 लाख रुपए नकद भी मिले हैं।
पेप्टेक ग्रुप का मुख्य कारोबार प्रॉपर्टी एवं केबिल ऑपरेट करने का है। ग्रुप के भोपाल सहित इंदौर, छतरपुर और सतना में बुधवार से आयकर विभाग की इन्वेस्टीगेशन टीम छापामार कार्रवाई कर रही है। जांच के दूसरे दिन विभाग को पेप्टेक ग्रुप के कर्मचारियों के खाते में बड़े ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली है।
इसके अलावा पेप्टेक से प्रॉपर्टी खरीदने वालों ग्राहकों से नकदी का व्यवहार भी ज्यादा किया है। पेप्टेक ग्रुप द्वारा पेप्टेक बिल्डर्स, पेप्टेक कंस्ट्रक्शन, पेप्टेक हाउसिंग एवं लोटस इंफ्रा रियल्टी के नाम से प्रॉपर्टी बाजार में प्रोजेक्ट तैयार कर उनका विक्रय किया जाता है। विभाग के मुताबिक नीरज और विनय चौरसिया के दो बैंक लॉकर भी मिले हैं। जांच के बाद इन बैंक लॉकरों को खोला जाएगा।
यूपी का पैसा भी लगा
पेप्टेक ग्रुप की प्रॉपर्टी में न केवल सतना, छतरपुर और आसपास के निवेशकों ने पैसा लगाया है, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के लोगों ने भी निवेश किया है। जांच टीम को ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं। विभाग का कहना है कि अमूमन ऐसा टैक्स बचाने के लिए किया जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रुप में कहां-कहां से केश आया है, वे सब राडार पर रहेेंगे।
पेप्टेक ग्रुप के ठिकानों की जांच में जो दस्तावेज मिल रहे हैं। उनमें कर्मचारियों के खातों पर लोन लेना, एमपी के अलावा यूपी के लोगों का पैसा लगाने जैसी जानकारी मिली है। जांच दूसे दिन भी जारी है।
आर.के पालीवाल, प्रधान आयकर निदेशक
(जांच) आयकर विभाग