Custom Duty On Edible Oils: केंद्र सरकार ने खाने में इस्तेमाल होने वाले तेलों में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय किया है। जिससे अब एमपी में कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने हो गई हैं।
Custom Duty On Edible Oils: केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसमें उन्होंने क्रूड और रिफाइंड ऑयल पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दिया है। इससे सूरजमुखी, पॉम ऑयल और सोयाबीन के तेल में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी। अब आम लोगों की जेबों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। रिफाइंड ऑयल पर 32.5 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगा दी गई है। जिससे मध्यप्रदेश में राजनीति गरमा गई है।
पूर्व सीएम और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध मोदी सरकार ने रिफाइन ऑयल के लिए मूल शुल्क (बेसिक ड्यूटी) को 32.5% तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से रिफाइनरी तेल के लिए सरसों, सूरजमुखी और मूंगफली की फसलों की मांग बढ़ेगी।किसानों को इन फसलों के बेहतर दाम मिल सकेंगे और साथ ही छोटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिफाइनरी बढ़ने से वहां रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शिवराज सिंह के ट्वीट पर रीट्वीट करते लिखा कि भाजपा और शिवराज सिंह चौहान किसान विरोधी हैं। यह एक बार फिर साबित हो गया। क्योंकि दोनों ही सिर्फ किसानों को बर्बाद करने का षड्यंत्र करते हैं। रिफाइन ऑयल पर बेसिक ड्यूटी को 32.5% तक बढ़ाने का निर्णय 10 साल बाद क्यों? इस दौरान किसानों को हुए करोड़ों के आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
आगे जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान आपको शर्म आनी चाहिए कि आप खुद को किसान का बेटा कहते हो! आप जिसे उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रहे हैं, इसी नीति ने बीते 10 साल से किसानों को आर्थिक रूप से आहत किया है। आपको मध्यप्रदेश के साथ पूरे देश के किसानों से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि डबल इंजन सरकार की दोमुंही नीति कब तक किसानों को ऐसे ही बर्बाद करेगी?