भोपाल

ट्रेनों में नहीं होगी आपसी टक्कर…’कवच सिस्टम’ बनेगा ढाल, 296 करोड़ से पूरा होगा काम

Indian Railway: भोपाल रेल मंडल ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 'कवच सेफ्टी डिवाइस' का सहारा लिया है।
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Updated: 9 Nov 2025, 8:52 PM IST
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Indian Railway: ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए रेलवे नई तकनीक का सहारा ले रहा है। मध्यप्रदेश के भोपाल रेल मंडल में 'कवच सेफ्टी डिवाइस' लगाने का काम शुरु कर हो गया है। यह कवच के जरिए ट्रेन की स्पीड और दूरी पर नजर रखता है।

भोपाल मंडल के 155 इंजनों पर कवच पहले से लगा

भोपाल रेल मंडल 287 इलेक्ट्रिक इंजनों में से 155 इंजनों पर कवच सिस्टम पहले ही लगाया जा चुका है। इसे अब रेलवे ट्रैक पर लगाया जा रहा है। भोपाल-इटारसी रूट पर 148 करोड़ और बीना, खंडवा व गुना रूट पर लगभग 148 करोड़ रुपए की लागत से काम पूरा कर लिया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा रेलवे के लिए पहली प्राथमिकता है। कवच सिस्टम के जरिए सुरक्षा के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है।

क्या है कवच सिस्टम

कवच सिस्टम भारतीय रेलवे की स्वदेशी ट्रेन टक्कर सुरक्षा प्रणाली है। जो कि ट्रेन, सिग्नल और ट्रैक के बीच रेडियो फ्रीक्वेंसी से संवाद को स्थापित करता है। यदि कोई ट्रेन किसी सिग्नल को पार करने लगती है या दूसरी ट्रेन सामने से आती है तो यह सिस्टम तुरंत ट्रेन की स्पीड को कम कर देता या रोक देता है। इसके कारण होने वाली घटनाओं को पहली से ही रोक लिया जाता है।

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9 Nov 2025, 8:52 PM IST
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