
भोपाल@रिपोर्ट - शिवनारायण साहू़
देशभर में स्टेशनों की साफ-सफाई और सुविधाओं पर रेलवे द्वारा रैंक दिए जाने के बाद अब ट्रेनों की भी स्वच्छता रैंकिंग की जाएगी। रेलवे पहली बार देश भर की २१० ट्रेनों का स्वच्छता सर्वेक्षण करा रहा है। इन ट्रेनों की कुल ४७५ रैक का परीक्षण किया जाएगा। अब तक ३८६ रैक का परीक्षण किया जा चुका है। भोपाल रेलमंडल की भोपाल एक्सप्रेस भी इस सर्वे में शामिल है।
रेलवे ने ट्रेनों की स्वच्छता सर्वे का काम आइआरसीटीसी को सौंपा है। आइआरसीटीसी ने इन ट्रेनों के निरीक्षण और सर्वेक्षण की जिम्मेदारी आइआरसीएलएएसएस को दी है, जबकि आंकड़ों के विश्लेषण और रिपोर्ट बनाने का काम संस्था आइपीएओएस को सौंपा गया है। ट्रेनों के इस सर्वे रिपोर्ट के जून-जुलाई में आने की संभावना है।
ट्रेनके शुरू होने से पहले किया जाएगा आंकलन
ट्रेनों को स्वच्छता रैंकिंग देने के लिए आंकलन ट्रेन के शुरू होने से पहले किया जाएगा। इसमें कोच की साफ-सफाई, ऑन बोर्ड सफाई जैसे शौचालयों की स्वच्छता, उनकी स्थिति, उपकरणों की दशा, श्रमिकों की उपस्थित, उनका कार्य-व्यवहार आदि शामिल होगा।
इसके अलावा दरवाजों, कूड़ेदान, लीनेन, कीट प्रबंधन, कोच में पानी की उपलब्धता, अपशिष्ट प्रबंधन तथा ऑन बोर्ड हाऊस कीपिंग कर्मचारी द्वारा स्टेशन आगमन पर ट्रेन की दशा का आंकलन स्वच्छता के मापदंडों में शामिल है।
शताब्दी, प्रीमियम ट्रेनों के साथ भोपाल एक्सप्रेस भी शामिल
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार देशभर की शताब्दी, राजधानी, दूरंतो सहित प्रीमियम ट्रेनों और मंडलों की उनकी स्पेशल ट्रेनों को इस स्वच्छता सर्वे में शामिल किया गया है। भोपाल रेल मंडल की भोपाल एक्सप्रेस भी इसमें शामिल है।
स्टेशनों की स्वच्छता रैंकिंग के बाद रेलवे पहली बार ट्रेनों की स्वच्छता सर्वे करा रहा है। स्टेशनों की तरह ही ट्रेनों को भी रैंकिंग प्रदान की जाएगी। इसके पूर्व कुछ निजी संस्थाओं ने ट्रेनों को लेकर सर्वे किया था, लेकिन यह पहला मौका है, जब रेलवे की अनुसंगी संस्थाओं के माध्यम से यह सर्वे कराया जा रहा है।
वेद प्रकाश, डायरेक्टर पब्लिसिटी रेलवे बोर्ड