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आसाराम बापू की हालत गंभीर, मेडिकल इमरजेंसी के आधार पर जमानत देने की जताई जरूरत

दिल की गंभीर बीमारी और अधिक उम्र के कारण मेडिकल इमरजेंसी का कर रहे सामना, अनुयायियों ने कहा: तुरंत राहत अनिवार्य है
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भोपाल

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deepak deewan

•

Updated: 1 Nov 2026, 12:55 PM IST

अनुयायियों ने आसाराम बापू की हालत गंभीर बताई

अनुयायियों ने आसाराम बापू की हालत गंभीर बताई- image X @vedpraka4774551

दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू की हालत गंभीर है। उनके समर्थकों ने मेडिकल इमरजेंसी के आधार पर जमानत देने की मांग की है। कुछ देर के लिए एक्स पर #RightToBail ट्रेंड करने लगा। अनुयायियों का कहना है कि आसाराम बापू दिल की गंभीर बीमारी और अधिक उम्र के कारण मेडिकल इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं। मेडिकल ग्राउंड व मानवता के आधार पर उन्हें बेल मिलनी ​ही चाहिए। बता दें कि दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद आसाराम बापू को 13 साल पहले इंदौर से गिरफ़्तार किया गया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

आसाराम बापू इन दिनों जोधपुर जेल में हैं। अनुयायियों ने कहा है कि चिकित्सीय आधार पर राहत मिलना जरूरी है। इसमें किसी भी परिस्थिति में देरी नहीं की जानी चाहिए और न ही इससे इनकार किया जाना चाहिए।

एक्स पर एक यूजर ने लिखा:

मेडिकल इमरजेंसी के दौरान उज्जैन से जोधपुर तक की लंबी सड़क यात्रा से बचने के लिए साधकों ने एयर एम्बुलेंस का इंतजाम किया। आरोप है कि इंदौर और जोधपुर में अनुमति मिलने में देरी हुई। क्या यह मानवाधिकार है? #RightToBail ।

एक अन्य यूजर ने लिखा:

करुणा और न्याय एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक स्वस्थ न्याय व्यवस्था के आधार हैं। पूज्य बापूजी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उचित चिकित्सा और मानवीय राहत पर विचार आवश्यक है। Human Rights तथा Critical Health का सम्मान हो। #JusticeForBapuji

दिल की गंभीर बीमारी और अधिक उम्र के कारण मेडिकल इमरजेंसी

एक्स पर जनता की आवाज नामक पेज पर लिखा है:

RightToBail (जमानत का अधिकार) बुनियादी मानवाधिकारों का हिस्सा है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। संत श्री आशारामजी बापू दिल की गंभीर बीमारी और अधिक उम्र के कारण मेडिकल इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में, चिकित्सीय आधार पर राहत मिलना अनिवार्य है; इसमें किसी भी परिस्थिति में देरी नहीं की जानी चाहिए और न ही इससे इनकार किया जाना चाहिए।

दुष्कर्म के दोषी आसाराम बापू को 20 दिनों की पैरोल दी गई थी। उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर और छूट मांगी पर सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया। इसके बाद आसाराम दोबारा जोधपुर जेल चले गए। अब अनुयायी उन्हें मानवाधिकार के नाम पर जमानत देने का अभियान चला रहे हैं

बता दें कि आसाराम को 31 अगस्त 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। जोधपुर ईस्ट के तत्कालीन डीसीपी आईपीएस अजय पाल लांबा ने अपनी किताब 'Gunning for the Godman: The True Story Behind Asaram Bapu's Conviction' में मामले के कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया है। इसमें आसाराम की गिरफ्तारी से लेकर कोर्ट में चली सुनवाई तक के अनेक रोचक किस्से बताए गए हैं।