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बॉलीवुड स्टार गोविंदा ने किए 24 लाख गायत्री पाठ, कड़े संघर्ष और मेहनत की सुनाई दास्तां

Govinda इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में पहुंचे अभिनेता गोविंदा, विद्यालय के चेयरमैन ने किया स्वागत
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भोपाल

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deepak deewan

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Updated: 1 Nov 2026, 8:31 AM IST

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गोविंदा और उनकी मां निर्मला देवी की फोटो। (फोटो सोर्स: IMDb and instagram- govinda_herono1)

Govinda बॉलीवुड स्टार गोविंदा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मुरीद हैं। उन्होंने शहर की सुंदरता की तारीफ की। फिल्म अभिनेता गोविंदा मिसरोद स्थित इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में पहुंचे। विद्यालय के चेयरमैन ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में स्कूल के स्टूडेंट ने प्रगति से परंपरा तक थीम पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। यहां मेधावियों का सम्मान भी किया गया। अभिनेता गोविंदा ने अपने लोकप्रिय गानों पर ठुमके लगाए तो दर्शक भी झूम उठे। इस मौके पर पत्रिका से खास बातचीत में उन्होंने जेन-जी को प्रतिभाशाली करार दिया, कहा कि उसे योग्य मार्गदर्शन दिए जाने की जरूरत है। बॉलीवुड स्टार गोविंदा ने अपने संघर्ष की कहानी सुनाई और कहा कि मां की दुआ के कारण ही सबकुछ पा सका। उन्होंने गायत्री मंत्र की महत्ता भी बताई।

समारोह में भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ,विद्यालय के चेयरमैन अशोक नंदा, वाइस चेयरमैन आलोक नंदा, डायरेक्टर अरुणा नंदा, प्राचार्या दीप्ति सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने मुख्य अतिथि का स्वागत और अभिनंदन किया। विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य, नाट्य एवं विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आधुनिक विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया।

पेश है गोविंदा से बातचीत के प्रमुख अंश

इस मुकाम तक पहुंचने का असली राज क्या है?
गोविंदा: सफलता कभी भी एक या दो दिन में नहीं मिलती। इसके पीछे सालों की अटूट मेहनत होती है। मेरा कड़ा संघर्ष महज 14-15 साल की उम्र से ही शुरू हो गया था। मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया और बिना हिम्मत हारे काम करता रहा। आज मैं जो कुछ भी हूँ, उसी संघर्ष और मेहनत का नतीजा है।

आप अध्यात्म और अपनी संस्कृति से कैसे जुड़े रहे?

लोग अक्सर ग्लैमर की दुनिया में आकर अध्यात्म को भूल जाते हैं, लेकिन मेरे जीवन में इसका सबसे बड़ा रोल रहा है। मेरी मां की सीख हमेशा मेरा सहारा बनी। बचपन में मेरी मां ने मुझसे गायत्री पाठ करने के लिए कहा था। मैंने पूरी लगन और निष्ठा के साथ लगभग 24 लाख गायत्री पाठ पूरे किए।

जेन जी और युवा पीढ़ी के बारे में आपकी कया राय है?
आज की पीढ़ी बहुत प्रतिभाशाली है, लेकिन हमें उन्हें और गहराई से समझने की जरूरत है। उनके मन में क्या चल रहा है और उनकी सोच किस दिशा में जा रही है, इस पर हम सभी को गंभीरता से विचार करना होगा ताकि उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके।