भोपाल

थमे हैं ट्रेनों के पहिए फिर भी कर्मचारी कोरोना से लड़ रहे जंग, तैयार कर रहे आइसोलेशन वार्ड

10 दिन में 22 रेलवे कर्मचारियों ने आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किए 24 कोच, रेलवे बोर्ड ने भोपाल रेल मंडल को दिया था लक्ष्य

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Apr 14, 2020
Isolation Ward Made by Bhopal Coach Factory
थमे हैं ट्रेनों के पहिए फिर भी कर्मचारी कोरोना से लड़ रहे जंग, तैयार कर रहे आइसोलेशन वार्ड

भोपाल. कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा सभी रेल मंडलों और कारखानों को उपलब्ध कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने के लिए लक्ष्य दिया गया था। इसमें भोपाल रेल मंडल को 24 कोच तैयार करने थे। भोपाल कोचिंग डिपो के कोरोना योद्धाओं ने निर्धारित समय में यह लक्ष्य पूर्ण कर लिया है। डीआरएम उदय बोरवणकर के निर्देशन, वरिष्ठ मंडल यांत्रिकी इंजीनियर (समन्वय) अजय श्रीवास्तव के संयोजन में भोपाल यांत्रिकी डिपो के कर्मचारियों ने 24 कोच को आसोलेशन वार्ड में तब्दील किया है।

प्रत्येक कोच में आठ वार्ड
कोरोना से संक्रमित मरीजों की सुविधाओं के लिए प्रत्येेक कोच में आठ वार्ड बनाए गए हैं। इनमें मरीजों के लिए बर्थ, मच्छरों से बचाव लिए खिड़कियों में जाली, ऑक्सीजन सिलेंडर रखने की व्यवस्था और वेंटिलेटर आदि के लिए पर्याप्त स्थान है। इन आइसोलेशन वार्डों में बॉटल होल्डर, कोट हुक जैसी छोटी-छोटी सुविधाओं का भी ध्यान दिया गया है।

डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ के लिए एक अतिरिक्त वार्ड
प्रत्येक कोच में ड्यूटी डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ के लिए भी एक अतिरिक्त वार्ड बनाया गया है। इसमें जरूरी मेडिकल सामग्री और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक कोच में शौचालय के अलावा अतिरिक्त स्नानघर भी बनाया गया है। इन आइसोलेशन वार्डों में पर्याप्त बिजली व पानी की भी व्यवस्था की गई है ताकि इन आइसोलेशन कोचों को किसी भी स्टेशन पर खड़ा करके मरीजों का इलाज किया जा सकेगा। आइसोलेशन कोचों में कार्यरत कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने के साथ, पर्याप्त दूरी सुनिश्चित करते हुए कार्य करने के लिए समझाइश दी जाएगी। रेल प्रशासन द्वारा सभी कर्मचारियों को सैनेटाइजर, मास्क व साबुन आदि उपलब्ध कराया जाएगा।

Published on:
14 Apr 2020 02:00 am