Narendra singh Tomar- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक अजय सिंह ने निराश्रित गायों से फसलों के नुकसान और हाइवे पर यातायात बाधित होने का मुद्दा उठाया।
Narendra singh Tomar- मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को खूब हंगामा हुआ। सत्र के आठवेें दिन सिंगरौली में अदाणी कोल माइंस, टूटते पुलों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक अजय सिंह ने निराश्रित गायों से फसलों के नुकसान और हाइवे पर यातायात बाधित होने का मुद्दा उठाया। कांग्रेस के ही विधायक हेमंत कटारे ने निराश्रित गोवंश से परेशान होकर किसानों द्वारा अपने खेतों में करंट फैलाने की बात कही जिससे गाय व अन्य पशुओं के साथ कई बार बच्चे भी चपेट में आ जाते हैं। बहस का जवाब देते हुए प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि जल्द ही निराश्रित गौवंशों के लिए गौशालाएं निर्मित हो जाएंगी। प्रदेश के 25 जिलों में इसके लिए स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। खास बात यह है कि विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस मुद्दे को बेहद संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस समस्या की तह तक भी पहुंचना चाहिए और इसके निराकरण की दृष्टि से गंभीरतम प्रयास करना चाहिए।
विधायक अजय सिंह ने मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश में निराश्रित पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। करीब 10 पशु रोडों पर घूम रहे हैं जिससे दुर्घटनाएं घट रहीं हैं। निराश्रित गोवंश के कारण खेतों में फसलें नष्ट हो रहीं हैं, किसानों को नुकसान हो रहा है।
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब में कहा कि वर्तमान में करीब 10 लाख निराश्रित गोवंश हैं, जिनमें से 4 लाख के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। इससे गोवंश सुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जबलपुर, रायसेन, दमोह, सागर, अशोकनगर, खरगोन और रीवा में गौशालााओं के टेंडर जारी हो चुके हैं। एक जगह पर कम से कम 5 हजार गाय रखी जा सकेगी।
अजय सिंह- अध्यक्ष महोदय, दिल पर हाथ रख करके बता दें कि पथरिया से यदि रात को 11.00 बजे भोपाल आना हो, तो इनका ड्राइवर कहेगा कि मंत्रीजी सुबह चलिए, रास्ते में गाय बहुत रहेंगी, ठीक से गाड़ी नहीं चला पाऊंगा। पूरे प्रदेश की यही हालत है। रात भर किसान टार्च लिए अपनी खेती और फसल को बचाने में लगा रहता है। कितनी गौशालाएं अभी भी बंद पड़ी हुई हैं। इन्होंने गिनती बताई कि 3040 गौशालाएं संचालित हैं। यह कहना कि स्वावलम्बी योजना के तहत 130 एकड़ जमीन देंगे, पूरे प्रदेश में किसी ने टेंडर नहीं किया। सिर्फ नर्मदापुरम में सड़कों के लिए कोई स्ट्रे-केटल व्हीकल के लिए प्रावधान बनाया गया है, वहां पर सफलता हुई। यदि यही योजना पूरे नेशनल हाईवे में, स्टेट हाईवे में हो जाए कि स्ट्रे केटल उठाने का प्रावधान है, हर 50 किलोमीटर पर बता रहे हैं, खुद ही उत्तर दे रहे हैं, लेकिन प्रावधान का कहीं पालन नहीं हो रहा है।
लखन पटेल-- जैसा कि वरिष्ठ माननीय सदस्य ने कहा कि गौ-शालाओं के एक भी टेण्डर नहीं आये हैं, मैं आपको बताना चाहता हूं कि 25 जिलों में 29 स्थान हमने चयनित कर लिए जो पशुपालन विभाग को राजस्व विभाग से जमीन ट्रांसर्फर हो गयी है। जिसकी टेण्डर प्रक्रिया हुई, जिसका एग्रीमेंट 10 दिन के भीतर करके और मैं आपसे और सभी सदस्यों से निवेदन करना चाहता हूं कि जिस दिन इसका भूमिपूजन हो तो आप सब लोग शामिल हों। क्योंकि यह देश की यह पहली योजना है, जिसके अंतर्गत यहां निराश्रित गौवंश को रखा जायेगा। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह जो गौवंश है, इसमें हमने कहा है कि मिनीमम 5000 हजार गौवंश 130 एकड़ में रखा जायेगा, इससे कहीं ज्यादा रखा जायेगा और कई गौ-शालाएं ऐसी हैं, जहां पर 20000, 25000 और 30000 गौवंश एक जगह रखा जायेगा। मुख्यमंत्री और हमारी केबिनेट ने जो प्रस्ताव पारित किया है, वह देश का पहला मॉडल है। मैं इसमें आपको बताना चाहता हूं आस्ट्रेलिया और दुबई से आकर लोगों ने टेण्डर डाला है और उनका यह भी कहना है कि हम बाकी और भी गौ-शालाएं लेंगे। हम अभी 22 गौ-शालाओं के टेण्डर जारी कर रहे हैं। मुझे लगता है कि एक महीने के भीतर वह भी टेण्डर आ जायेंगे।
आप विश्वास रखिये, दो साल के भीतर, जैसा कि आपने अपने आंकड़ों में कहा है कि 10 लाख गौवंश बाहर हैं, अभी हमारी 4 लाख 80 हजार गौ-शालाओं में गौवंश रहेगा। चूंकि इसको बनाने में अभी समय लगेगा और यह दो साल के भीतर बनकर कम्प्लीट होंगी तो एक भी गौवंश आपको सड़क नहीं दिखेगा।
हेमन्त कटारे – भिण्ड जिले के किसानों के लिए, आज की तारीख में सबसे बड़ा यदि कोई विषय या समस्या है तो वह यही है कि निराश्रित पशुओं के द्वारा, या फिर आवारा पशुओं के द्वारा, या गौमाता के द्वारा जो फसलें नष्ट हो रही है निरंतर, किसान खून के आंसू रो रहा है। आपके मुरैना, मेरे भिण्ड और पूरे प्रदेश में यही स्थिति है। बात यह आती है कि किसान इससे बचने के लिए क्या करता है, अपने खेत की बाऊंड्रीज सुरक्षित करता है, उसमें तार लगाता है और तार फेंसिंग में वह करंट छोड़ देता है, करंट छोड़ने के बाद इसमें गौ हत्या हो रही है, जाने या अनजाने में। दूसरी चीज, कई बार कोई बच्चा या कोई बड़ा भी उस तार की चपेट में आ जाता है, ऐसे कई प्रकरण आपके भी संज्ञान में होंगे और उसमें कई लोगों की अनचाहे जान चली गई।
अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर -- मैं समझता हूं कि अजय सिंहजी का जो ध्यानाकर्षण था, वह निश्चित रूप से गंभीर प्रकृति का था। इस प्रकार की समस्याओं का सामना सभी को करना पड़ता है। विशेष रूप से किसानों को और रास्ते में जब अवरोध पैदा होता है, तो भी समस्या उत्पन्न होती है। जो लोग गौ-सेवा की दृष्टि से प्रयोग कर रहे हैं, उन्होंने अपने अनुभव रखे हैं। माननीय मंत्रीजी ने भी सरकार की जो योजनाएं हैं, उनका उत्तर दिया है। मैं समझता हूं कि गौ-सेवा का विषय है, गौ संवर्धन का जो विषय है, यह विषय किसी एक पक्ष का नहीं हो सकता है, क्योंकि आज अगर गौ सड़क पर है, तो उसके लिये क्या गौ दोषी है? इस पर भी विचार होना चाहिए। यह समस्या मानव जनित है।
उमंग सिंघार— गौमाता की हत्या हो रही है, उसके बारे में सरकार नहीं सोच रही है. गौमास कटकर बाहर जा रहा है, उसके बारे में सरकार बात नहीं कर रही है।
अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर— गौशाला को प्रोफेशनल बनाना यह अत्यंत आवश्यक है, इसके लिये प्रयोग किया जाना चाहिये। आपने जो प्रयोग किया है वह ठीक दिशा में आप आगे बढ़ रहे हैं। अगर कोई समस्या आयेगी तो उससे भी सरकार निपटेगी, ऐसा हम कह सकते हैं।