Jitu patwari big Statement: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान का वीडियो वायरल, वीडियो में फीका पड़ता नजर आया सत्ता पक्ष बीजेपी का झंडा, हिलती नजर आई भारतीय, संसद, न्यायपालिका के प्रतीक की तस्वीरें...
Jitu patwari big Statement: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाने के बाद अब मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग को सरकार का तोता बताया है। उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जीतू पटवारी ने कहा है कि, 'चुनाव आयोग सरकार का तोतो बन गया है।'
जीतू पटवारी ने आगे कहा, पहले तंत्र गुलाम हुआ, फिर चुनाव आयोग भी ' सरकार को तोता' बन गया। बता दें कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ ही अब जीतू पटवारी के इस बयान ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर बहस छेड़ दी है। अब लोग इसकी निर्वाचन प्रक्रिया को सुनिश्चित करने की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
पटवारी का आरोप चुनाव आयोग अब निष्पक्ष नहीं रहा। भाजपा के एजेंडे के मुताबिक काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए अब न्यायपालिका पर ही भरोसा बचा हैय़ अन्य संस्थाएं सरकार की कठपुतली बन गई हैं। जीतू पटवारी का ये बयान विपक्षी दलों की उस शिकायत को भी मजबूती देता है, जिसमें वे अक्सर ईडी, सीबीआई जैसी प्रमुख जांच एजेंसियों पर दुरुपयोग का आरोप लगाते आए हैं।
जीतू पटवारी ने अपने बयान का ये वीडिया अपने सोशल मीडिया अकाउंट x पर भी शेयर किया है। वीडियो में पटवारी एक सभा को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। वहीं जीतू पटवारी ने इसमें भारतीय संसद, भारतीय न्यायपालिका में न्याय के प्रतीक तराजू और हथौड़े को दिखाया है, ये तस्वीरें असंतुलित नजर आ रही हैं, वहीं बीजेपी का झंडा फीका पड़ता हुआ दर्शाया है। इसके अलावा इस वीडियो में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर ईडी और सीबीआई के लोगो को दिखाया है, जो कांग्रेस का साफ-साफ इशारा है कि देश में सबकुछ सरकार के नियंत्रण में है।
कांग्रेस के इस वीडियो ने देशभर में एक राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर उठने वाला सही सवाल कह रहे हैं, तो कुछ लोग इसे कांग्रेस में हार से उपजी पीड़ा बता रहे हैं। उधर भाजपा ने कांग्रेस के इस बयान की निंदा की है। भाजपा इसे संस्थाओं का अपमान मान रही है।
इधर राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये विवाद चुनाव सुधारों की मांग को फिर से मजबूत कर रहा है। राजनीतिक एक्सपर्ट कहते हैं कि चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता को बढ़ाना होगा।
कहना होगा कि जीतू पटवारी के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश में भी सियासी गर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस को उम्मीद है कि यह मुद्दा आम जन को जागरूक करेगा, जबकि भाजपा इसे विपक्ष की हार से होने वाली हताशा का अंजाम मान रही है। बता दें कि मध्य प्रदेश में विधान सभा चुनावों की तैयारी का दौर है, पक्ष-विपक्ष अपनी तैयारियों में जुटे हैं। अगले चुनाव में 2028 में होने हैं।