महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों को दुरुपयोग होते देखने के कई मामले सामने आने के बाद हमने ‘बेटा बचाओ अभियान’ की शुरूआत की।
भोपाल। महिला को अबला,कमजोर या बेचारी शब्दों से लंबे समय से संबोधित किया जाता रहा है। पर क्या आप जानते हैं देश में केवल पति पीड़ित पत्नियां ही नहीं हैं। बल्कि कई मामलों में पत्नी पीड़ित पति या महिलाओं से पीड़ित पुरुष भी हैं। यह कहना है ज्वाला शक्ति संगठन की संयोजिका काजल जादौन का। जो शनिवार को सीएम शिवराज सिंह से मिलने व इस संबंध में शिकायत करने कल रात को ही ग्वालियर से भोपाल आईं हैं।
सबसे खास बात ये है कि जहां एकाएक पीड़ित पुरुष ऐसी समस्याओं से बचने के लिए अपना ही संगठन बनाते हैं, वहीं यहां एक महिला स्वयं पीड़ित पुरुषों की मदद के लिए आगे आई है।
उनका कहना है कि सरकारें महिलाओं की सुरक्षा के लिए तो कई कानून बनाती है, जो अच्छी बात है, लेकिन जब कुछ महिलाएं इन्हीं कानूनों की मदद से अन्य लोगों(पति,प्रेमी या अन्य पुरुष मित्रों) को प्रताडित करने लगती हैं। तो एक और जहां हर जगह महिला को ही सही व पुरूष को गलत मान लिया जाता है, वहीं पुरूषों को बुरी नजरों से भी देखा जाता है, चाहे उसकी गलती ही न हो।
जिसके चलते पुरुषों को ऐसी महिलाओं की हर जायज और नाजायज बातों को मानने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वहीं यदि कोई नहीं मानता है तो उसे झूठे केसों में तक फंसा दिया जाता है।
अभियान के ये हैं उद्देश्य : निर्दोष बेटों को न्याय मिले,महिला आरोपियों को भी सजा के प्रावधान हो,साथ ही एफआईआर से पहले आवेदन पर विशेष टीम द्वारा निष्पक्ष जांच की जाए।
ज्वाला शक्ति संगठन की संगठन संयोजिका काजल जादौन का कहना है कि निर्दोष पुरुषों के प्रताडित होने व महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों को दुरुपयोग होते देखने के कई मामले सामने आने के बाद हमने ‘बेटा बचाओ अभियान’ की शुरूआत की। इसके तहत काजल जादौन आज यानि शनिवार 6 जनवरी 2018 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात करने वाली हैं।
जहां वे ऐसे मामले जिनमें निर्दोष बेटों को सिर्फ रुपए ऐंठने के मकसद से फंसाया गया है उनको लेकर सीएम से बात करने के अलावा उन्हें एक पत्र भी सौंपेंगी।
वहीं कुछ दिनों पहले ही ज्वाला शक्ति संगठन द्वारा चलाई जा रही मुहिम बेटा बचाओ अभियान के तहत मध्यप्रदेश हस्ताक्षर अभियान भी शुरू हो चूका है।
पहले सीएम शिवराज ने ही दिया था समय…
दरअसल पिछले दिनों 22दिसंबर को भी काजल अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ भोपाल आईं थी जहां उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर पहुंचकर उनके सामने पीड़ित पुरुषों पर धारा 354,376 और 498 के हो रहे दुरुपयोग की बात रखनी चाही। जिसके बाद उन्हें इन मुद्दों पर(बेटा बचाओ अभियान) सीएम का ध्यान आकर्षित करने के लिए अगले हफ्ते का समय दिया गया था।
वहीं इस समय भी उनकी ओर से सीएम शिवराज सिंह के लिए इस संबंध में एक पत्र यानि विज्ञप्ति भी दी गई।
इस पूरे मामले के संबंध में ज्वाला शक्ति संगठन की संयोजिका काजल जादौन का कहना है कि दरअसल पूर्व में हमारी संस्था ने कई प्रताडित महिलाओं की मदद की, लेकिन इसी दौरान हमें यह भी देखने को मिला की पुरूष भी कई जगह पीड़ित हैं। वहीं कुछ कानून की धाराओं(धारा354,376 और 498) का तो सर्वाधिक दुरुपयोग कुछ महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। जिनके डर से पुरूष या तो प्रताडित होने को मजबूर हो जाता है या विरोध करने पर सलाखों के पीछे पहुंच जाता है। इन्हीं व्याधियों व पुरूषों पर भी हो रहे अत्याचारों के विरोध में हमारे द्वारा बेटा बचाओ अभियान की शुरूआत की गई है।