
भोपाल। सूबे की सबसे ताकतवर आईएएस एसोसिएशन को कमलनाथ सरकार ने 34 लाख 56 हजार रुपए का नोटिस दिया है। असल में राज्य सरकार ने एसोसिएशन को चार इमली में दो बंगले अलाट किए थे। लेकिन एसोसिएशन ने वर्षों से इसका किराया जमा नहीं किया।
राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग ने एसोसिएशन वर्ष 1999 में चार इमली में बंगला क्रमांक 1/3 और ईएन 1/4 आवंटित किए गए थे। नियमानुसार एसोसिएशन को इन बंगलों का किराया जमा करना था। शुरूआत में तो एसोसिएशन ने इनका किराया जमा किया लेकिन बाद में किराया देना बंद कर दिया। चूंकि मामला पॉवरफुल एसोएिसशन से जुड़ा था, इसलिए विभाग ने भी चुप्पी साधे रखी।
हाल ही में आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने 17 सितम्बर को सूचना अधिकार के तहत लोक निर्माण विभाग से जानकारी मांगी कि एसोसिएशन को आवंटित दोनों बंगलों पर कितना किराया लंबित है। आरटीआई से जानकारी मांगे जाने के बाद विभाग सक्रिय हुआ और आनन-फानन में एसोसिएशन की रिकवरी निकालते हुए 24 अक्टूबर की तिथि पर नोटिस जारी कर दिया। आरटीआई के तहत जबाव में यह नोटिस की कॉपी भी दुबे को दे दी गई। इसमें कहा गया है कि 30 सितम्बर की स्थिति में एसोसिएशन पर 34 लाख 56 हजार 3600 रुपए का किराया बकाया है।
वर्जन -
आईएएस एसोसिएशन नियमों को दरकिनार कर सरकार को ही चपत लगा रही है। वर्षों से किराया नहीं देने के कारण बंगला खाली कराया जाना चाहिए था, लेकिन आश्चर्य है सरकार ने ऐसा नहीं किया। इन बंगलों को खाली कराए जाने के लिए संपदा संचालनालय को पत्र लिखेंगे। यदि कार्यवाही नहीं हुई तो कोर्ट भी जाएंगे।
- अजय दुबे, आरटीआई कार्यकर्ता
पीडब्लयूडी द्वारा एसोसिएशन को दिए गए नोटिस के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। किराए के बारे में भी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- विशेष गढपाले, सचिव आईएएस एसोसिएशन
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। मैं बाद में बात करुंगा।
- आरके मेहरा, ईएनसी पीडब्ल्यूडी