Kamal Nath परीक्षा में शामिल करीब 24 लाख स्टूडेंट को न्याय दिलाने की बात कहते हुए कांग्रेस नेता कमलनाथ ने ट्वीट किया है।
Kamal Nath tweet to cancel NEET exam Kamal Nath twitter- नीट NEET परीक्षा पर देशभर में मचा बवाल थम नहीं रहा है। इस परीक्षा में शामिल हुए लाखों स्टूडेंट दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे हैं। नीट NEET 2024 के पेपर लीक होने और धांधलियों के तमाम आरोप लग रहे हैं। स्टूडेंट के साथ कांग्रेस भी नीट परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रही है।
अब परीक्षा में शामिल करीब 24 लाख स्टूडेंट को न्याय दिलाने की बात कहते हुए कांग्रेस नेता कमलनाथ ने ट्वीट किया है। उन्होंने छात्र हित में परीक्षा रद्द करने का सुझाव दिया है। कमलनाथ ने अपने एक्स हेंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने का एक ही तरीक़ा है कि NEET की परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से आयोजित किया जाए।
NEET परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार की अब तक की कार्रवाई खानापूर्ति जैसी प्रतीत हो रही है। अब तक इतनी बात स्पष्ट हो चुकी है कि NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ था और सरकार ने जिस तरह से NTA के महानिदेशक को हटाया है और परीक्षा में हुई कुछ गड़बड़ियों की जाँच CBI को सौंपी है उसे स्पष्ट है कि सरकार ने भी पेपर लीक होना स्वीकार कर लिया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेपर लीक होने से सबसे ज़्यादा नुक़सान उन अभ्यर्थियों का हुआ है जो इस परीक्षा में शामिल हुए थे। सरकार की अब तक की कार्रवाई से अन्याय का शिकार हुए इन छात्रों को कोई भी न्याय मिलता प्रतीत नहीं होता। हो सकता है कि सरकार की कार्रवाई से परीक्षा में धाँधली करने वाले कुछ लोग क़ानून के शिकंजे में आ जाएं लेकिन इससे उन छात्रों को कोई फ़ायदा नहीं होगा जो योग्य होने के बावजूद NEET परीक्षा में सफल नहीं हो सके।
इन अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने का एक ही तरीक़ा है कि NEET की परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से आयोजित किया जाए। सरकार को इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने के बजाय अभ्यर्थियों को न्याय देने का प्रश्न बनाना चाहिए और नए सिरे से परीक्षा करानी चाहिए।
24 लाख स्टूडेंट के भविष्य का सवाल
बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नीट 2024 के आंकड़ों के अनुसार इस साल परीक्षा के लिए 2406079 स्टूडेंट ने पंजीकरण कराया था। इनमें 1029198 छात्र और 1376863 छात्राएं थीं। 18 पंजीकृत स्टूडेंट थर्ड जेंडर के भी थे। नीट यूजी में पंजीकरण में पिछले साल की तुलना में 16.85% की वृद्धि हुई थी।