25 मई को तनोड़िया में गेहूं बेचने आए किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई।
भोपाल. मध्य प्रदेश के आगर मलाव के तनोड़िया में गेहूं तुलवाने के दौरान एक किसान की मौत हो गई। अब किसान की मौत पर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने इशारों-इशारों में शिवराज सरकार पर निशाना साधा है।
कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि सूबे में किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं हैण् अन्नदाता बेहाल हो रहे हैं। कमलनाथ ने कहा कि आगर-मालवा में मलवासा के एक किसान प्रेम सिंह की परेशानियों व अव्यवस्थाओं से दुखद मौत हो गई। इस किसान को 19 मई को उसकी उपज को लेकर झलारा उपार्जन केन्द्र पर बुलाया गया था।
चार दिन इंतजार के बाद उसके उपार्जन केन्द्र को परिवर्तित कर उसे तनोड़िया बुलाया गया। 25 मई को 6 दिन बाद जब उसका नंबर आया। तभी अपनी फसल बेचने को लेकर भीषण गर्मी में निरंतर भटक रहे हैं, तनाव झेल रहे किसान प्रेम सिंह की दुःखद मृत्यु हो गई।
हरसंभव मदद करे सरकार
कमलनाथ ने कहा कि खरीदी की अव्यवस्थाओं से हुए तनाव से इस किसान की जान चली गई। इसकी ज़िम्मेदार सरकार व उसकी नीतियां है। सरकार इस मृत किसान के परिवार की हरसंभव मदद करे और इस किसान की मौत के जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।
हार्टअटैक से हुई थी किसान की मौत
गौरतलब है कि समर्थन मूल्य पर तनोड़िया में गेहूं बेचने आए किसान की हार्टअटैक से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, किसान प्रेम सिंह ( पिता राम सिंह 45 वर्ष निवासी मलवासा ) 17 मई की शाम से गेहूं बेचने उसके छोटे भाई जितेंद्र के साथ गेहूं खरीदी केंद्र तनोड़िया गए थे। बताया जा रहा है कि 25 मई की शाम गेहूं तुलावने के दौरान हार्टअटैक से उनकी मौत हो गई।