कमलनाथ ने सीएम शिवराज को पत्र लिखकर कांग्रेस सरकार की योजना को बंद करने पर सवाल उठाते हुए दौबारा योजना को शुरु करने की मांग की है।
चुनावी साल में पक्ष विपश्र रे बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के 15 महीने के कार्यकाल के दौरान भाजपा सरकार की कई योजनाएं बंद करने के आरोप लगाए जाते रहते हैं। इसी कड़ी में अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सीएम शिवराज को पत्र लिखकर कांग्रेस सरकार की योजना को बंद करने पर सवाल उठाया है। साथ ही, मध्य प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने वाली योजना को दोबारा शुरु करने की मांग की है।
आपको बता दें कि, कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर 'राज्य कर्मचारी बीमा योजना' को मद्य प्रदेश में फिर से शुरु करने की मांग की है। पत्र में कमलनाथ ने आरोप लगाया कि, 3 साल व्यतीत होने के बाद भी इस योजना का लाभ मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों को नहीं दिया गया है।
क्या है 'राज्य कर्मचारी बीमा योजना' ?
आपको बता दें कि, इस योजना के तहत सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपए तक सामान्य बीमारी के दौरान और 10 लाख रुपए गंभीर बीमारी की दशा में कैशलेस उपचार कराने की सुविधा प्रदान की गई थी। कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा है कि, 2020 में सरकार ने वित्त विभाग के जरिए इस योजना को लागू कराया था, लेकिन शिवराज सरकार ने इसे लागू ही नहीं किया।
कमलनाथ ने पत्र के जरिए कही ये बात
कमलनाथ की ओर से मुख्यमंत्री चौहान को लिखे पत्र में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि, 3 साल बीतने के बाद भी इस योजना का लाभ मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों को नहीं दिया गया है। इसकी वजह से प्रदेश के कर्मचारी और उनके परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं। सरकार को ये योजना जल्द लागू करनी चाहिए। कर्मचारी संगठन भी इस योजना को लागू कराने की मांग लगातार कर रहे हैं। कमलनाथ ने कहा कि, योजना को लागू करने से कर्मचारियों और सरकार के वित्तीय सुरक्षित होते हैं। कर्मचारी और उनके परिवार को सुविधा युक्त शीघ्र स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित होता। योजना लागू न कर सरकार कर्मचारी और उनके परिवारों के प्रति असंवेदनशीलता बरत रही है।