
Property Records (Photo Source- freepik)
MP News: सरकार ने स्वामित्व नियमों में बदलाव करते हुए इसे डिजिटल कार्ड में बदल दिया है। अब संपत्ति का रिकॉर्ड डिजिटल, ऑनलाइन डाउनलोड किया सकेगा। जिले में इसके तहत 130 गांवों में 37 हजार स्वामित्व कार्ड तैयार किए हैं। संपत्ति के दस्तावेजों को डिजी लॉकर से डाउनलोड की सुविधा दी जा रही है। इससे इनका दस्तावेज के लिए भटकाव खत्म होगा।
सरकार की स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके घरों व खेती किसानी की जमीन का स्वामित्व दिलाने का लक्ष्य था। अब इसे पूरी तरह डिजिटल करके डिजी लॉकर से डाउनलोड की सुविधा दी है। पुराने समय में गांवों के आबादी क्षेत्र का कोई स्पष्ट सरकारी रिकॉर्ड या नक्शा नहीं होता था।
इस कार्ड के मिलने के बाद आप अपने गांव के घर पर बैंक से होम लोन या कोई भी बिजनेस लोन ले सकते हैं। इसके लिए ड्रोन सर्वे कराया गया। जमीन की सीमाएं तय होने से पड़ोसियों के साथ होने वाले झगड़े खत्म होंगे। अपनी संपत्ति को कानूनी रूप से बेच या खरीद सकते हैं।
स्वामित्व का अधिकार देने के लिए प्रशासन की ओर से सर्वे कराया गया। संपत्ति की मैङ्क्षपग और इनका डिजिटाइजेशन का काम चल रहा है। इससे आमजन खासकर ग्रामीण क्षेत्र में लाभ होगा। प्रकाश नायक, एडीएम
इंदौर में नगर निगम की अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड दुरूस्त नहीं है। इसके लिए निगमायुक्त ने अब संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करने के लिए जोनवाइज दो अलग-अलग दल बना दिए हैं। साथ ही 7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड दुरूस्त करने के साथ निगम की संपत्तियों को अतिक्रमण व अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। निगम की समस्त अचल स्पत्तियों का भौतिक सत्यापन करने के लिए निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने जोनवाइज दो दल बनाए हैं।
इसके चलते राजस्व विभाग के उपायुक्त केएस सगर को जोन-1 से 11 तक और उपायुक्त प्रदीप जैन को जोन- 12 से 22 तक की जिम्मेदारी दी गई है। इन दोनों अफसरों के नेतृत्व में जोन पर तैनात सहायक राजस्व अधिकारी, बिल कलेक्टर और वार्ड के उपयंत्री निगम की अचल संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करेंगे।
इंदौर जिले में प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन 1 अप्रेल से लागू हो चुकी है। जिले की 2606 लोकेशन पर दरों में वृद्धि की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी इंदौर-3 क्षेत्र में हुई है। नई गाइडलाइन में 162 नई कॉलोनियों को भी शामिल किया गया है। इन कॉलोनियों को जोड़ने से शहर के नए विकसित क्षेत्रों में प्रॉपर्टी पंजीयन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शामिल किया जा सकेगा। इससे उन इलाकों में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री कराने में लोगों को सुविधा मिलेगी।
Published on:
14 Apr 2026 03:49 pm
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