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एमपी के 10 लाख किसानों को बड़ी सौगात, अब आसानी से मिलेगा कर्ज

Kisan- किसानों को न केवल खाद-बीज में आती समस्याओं से निजात मिलेगी बल्कि उन्हें कर्ज भी बेहद आसानी से मिल सकेगा।

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Mega Membership Drive for Farmers in MP (B-PACS) Begins April 14

Mega Membership Drive for Farmers in MP (B-PACS) Begins April 14 (Patrika File Photo)

Kisan- खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। इससे किसानों की परेशानी भी बढ़ रही है। आर्थिक अभाव के कारण ज्यादातर किसानों को कर्ज लेकर काम चलाना पड़ता है। खाद-बीज खरीदने में भी दिक्कत आती है। किसानों की इन समस्याओं के निराकरण के लिए सहकारिता विभाग ने पहल की है। विभाग ने बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (बी पैक्स) के लिए सदस्यता महाभियान चलाया है। इसमें प्रदेशभर के 10 लाख किसानों को जोड़ा जाएगा। बी-पैक्‍स के सदस्य बनने पर किसानों को न केवल खाद-बीज में आती समस्याओं से निजात मिलेगी बल्कि उन्हें कर्ज भी बेहद आसानी से मिल सकेगा।

बी-पैक्‍स सदस्यता महाभियान 14 अप्रैल से शुरु हो रहा है। यह अभियान एक माह तक चलेगा। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के निर्देश पर सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित 4500 से अधिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) में किसानों को सदस्य बनाने का महा अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत किसानों को 15 मई तक सदस्य बनाया जाएगा।

बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियां (बी-पैक्‍स) राज्य के ग्रामीण सहकारी तंत्र की आधारशिला हैं, जो किसानों को ऋण, कृषि आदान, भंडारण, विपणन तथा अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। वर्तमान में राज्य में अनेक पात्र किसान अभी भी पैक्‍स के सदस्य नहीं हैं। इसके कारण वे संस्थागत ऋण एवं अन्य सहकारी सुविधाओं का पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

इसी परिप्रेक्ष्य में पैक्‍स के कार्यक्षेत्र में रहनेवाले सभी गैर-सदस्य किसानों को प्राथमिकता के आधार पर सदस्य बनाने के लिए यह महा-अभियान शुरु किया गया है। अभियान संचालन के लिए कार्य योजना लागू की गई है। यह प्रदेश की सभी बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं तक विस्‍तारित होगी।

सहकारी विभाग की इस योजना का प्रमुख उद्देश्य राज्य के सभी पात्र गैर-सदस्य किसानों को पैक्‍स सदस्यता से जोड़ना है, जिससे उन्हें संस्थागत ऋण, कृषि सेवाओं एवं सहकारी सुविधाओं तक सुगम पहुंच प्राप्त हो सके। इस योजना के माध्यम से छोटे, सीमांत, महिला एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के किसानों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

बी-पैक्‍स सदस्यता के लाभ :

संस्थागत कृषि ऋण की सुविधा

पैक्‍स के सदस्य किसानों को अल्पकालीन एवं मध्यमकालीन ऋण आसानी से उपलब्ध होते हैं। इन ऋणों पर ब्याज दरें कम होती हैं तथा ब्याज अनुदान योजनाओं का लाभ मिलता है।

पैक्‍स के माध्यम से किसानों को उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराए जाते हैं। पैक्‍स सदस्य किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से प्राप्त होता है। सदस्य सहकारी संस्था के निर्णयों में भाग ले सकते हैं एवं लाभांश प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों का समावेश होता है।

आवेदन की प्रक्रिया

किसान विभागीय पोर्टल https://icmis.mp.gov.in/RCSWEB/public पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।