Ganesh Chaturthi 2021: गणेश जी की मूर्ति खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, अन्यथा हो सकती हैं मुश्किलें
भोपाल। भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के मौके पर उनके भक्त अपने घर भगवान गणेश की मूर्ति लेकर आते हैं और पूरे गणेशोत्सव के दौरान उनकी खूब सेवा करते हैं। फिर 10 दिनों बाद उन्हें विदा कर देते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान भगवान गणेश अपने भक्तों के आसपास ही रहते हैं और उनकी मन के अरदास को सुनते हैं। इस दौरान मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है।
विघ्नहर्ता भगवान गणेश को सुख, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है। घर में भगवान गणेश की मूर्ति रखने से किसी प्रकार का क्लेश पैदा नहीं होता और घर सदा खुशियों से भरा रहता है। घर में गणपति की मूर्ति स्थापित करने से पहले कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए ....
- सफेद मदार की जड़ या मिट्टी से बनी गणेश मूर्ति पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। कोशिश करें कि इन दोनों चीजों से बनी गणेश भगवान की मूर्ति अपने घर में स्थापित करें।
- आप सोने, चांदी या तांबे आदि की मूर्ति भी स्थापित कर सकते हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी गणेश मूर्ति अशुभ मानी जाती है। इसलिए इस मूर्ति को कभी न खरीदें।
- अगर आप अपने ऑफिस या काम करने की जगह पर गणेश जी की मूर्ति रखना चाहते हैं, तो हमेशा ध्यान रहे कि ये भगवान गणेश की बैठी हुई मुद्रा में ना हों। खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें। बैठे हुए गणेश जी की सही जगह आपके घर में है. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। गाय के गोबर से बने गणेश जी काफी शुभ माने जाते हैं।
- अपने घर में हमेशा वही गणेश लाएं जिनकी सूंड बायीं तरफ झुकी हुई हो। अपने पूजा घर में गणेश जी की केवल एक ही मूर्ति रखें। दो या उससे ज्यादा गणेश जी रखने पर उनकी पत्नी रिद्धि-सिद्धि नाराज होती हैं।
- घर में क्रिस्टल के गणेश जी रखने से सारे वास्तु दोष कट जाते हैं। आप घर में क्रिस्टल के छोटे गणेश जी रख सकते हैं। मूर्ति खरीदने जाएं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मूर्ति वही घर लाएं जिनमें मोदक और गणेश जी का वाहन चूहा भी हो वरना वो मूर्ति अधूरी रहेगी।