
भोपाल। एक्टर, निर्देशक, गायक किशोर का जन्म 4 अगस्त को हुआ था। बॉलीवुड के लिए किशोर कुमार वन मैन आर्मी की तरह थे। लोग न सिर्फ उनके गानों के, बल्कि उनकी अदायगी के भी दिवाने है। आज बॉलीवुड में गानों का ट्रेंड भले ही बदल गया हो। कई पॉप सॉग्स, रैप सॉग्स अपनी जगह बना चुके हो। पर, किशोर कुमार की आवाज का जादू आज भी बरकरार है। उनके चाहने वाले हर साल उनका जन्मदिन बहुत ही धूम धाम से मानते है। यही कारण है कि उनके जन्म की पूर्व संध्या पर ही कई कार्यक्रमों की शुरूआत हो गई।
पाश्र्वगायक किशोर कुमार की 90 वीं जयंती के अवसर पर रवींद्र भवन में संगीत समारोह 'फूलों के रंग से दिल की कलम से' का आयोजन किया गया। समारोह में लगभग 90 यादगार गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में पुणे के गायक जितेंद्र भुरुक और उनके ग्रुप ने प्रस्तुति दी। ये ग्रुप पिछले 20 सालों से किशोर कुमार के गानों पर देश-विदेश में प्रस्तुति दे रहा है। समारोह की खास बात यह थी कि कार्यक्रम में दौरान किशोर कुमार का एक पोट्र्रेट भी लाइव तैयार किया गया। इसे अहमदनगर के चित्रकार प्रमोद कामले ने रचा।
ग्रुप ने हमें और जीने की चाहत ना होती, अगर तुम न होते..., रोते हुए आते हैं सब हंसता हुआ जो जाएगा..., आ चल के तुझे मैं लेके चलूं एक ऐसे गगन के तले..., हम दोनों दो प्रेमी दुनिया छोड़ चले..., मुसाफिर हूं यारों..., कोई हसीना जब रूठ जाती है..., मेरे नैना सावन भादो..., मेरे महबूब कयामत होगी... आदि गीतों की प्रस्तुति दी। डुएट में संध्या ने साथ दिया। कार्यक्रम का संचालन आशीष दवे और गिरीश सोनोने ने किया।
कई जगह हो रहे हैं कार्यक्रम
किशोर कुमार की के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर ही, उनके लिए जगह जगह कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण किया गया। जिसमें कई संख्या में उनके चाहने वाले लोग शामिल रहे।
आज भी होंगे कार्यक्रम
समन्वय भवन में आज शाम 4 बजे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें कई सिंगर्स और म्यूजिशियन शामिल हो रहे है। गांधी भवन में भी शाम 7 बजे किशोरों के किशोर नामक कार्यक्रम का अयोजन किया जा रहा है।