
Kishore Kumar : प्रख्यात पार्श्व गायक अभिनेता, निर्माता-निर्देशक किशोर कुमार की आज पुण्यतिथि है। वे मूलत: मध्यप्रदेश के खंडवा के थे और मुंबई में कामयाबी के बावजूद अपनी जन्मभूमि को कभी नहीं भूले। किशोर कुमार की छवि मस्त-मौला और मूडी इंसान की थी पर उनके दिल की गहराइयों में भावनाओं का ज्वार भी हिलारें मारता था। भारतीय सिनेमा की मर्लिन मुनरो कही जातीं मधुबाला से किशोर कुमार के प्रेम ने इस बात को साबित भी किया। बीमारी की वजह से मधुबाला मौत के मुहाने पर खड़ी थीं लेकिन किशोर कुमार पीछे नहीं हटे और उनका हाथ थामकर कई सालों तक सेवा करते रहे।
खंडवावाले के रूप में विख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार की प्रेम कहानी किसी फंतासी से कम नहीं है। मधुबाला जहां बेहद हसीन और दिलकश थीं वहीं किशोर कुमार बेहद मूडी थे। हालांकि अलग अलग तबियत के इन दोनों के दिल ऐसे मिले कि फिर वे एकाकार हो गए। बाद में मधुबाला गंभीर रूप से बीमार हो गईं लेकिन किशोर कुमार ने अपना वचन निभाया और शादी कर अपने घर ले गए।
मधुबाला की मौत के कई साल बाद सन 1985 में एक इंटरव्यू में खुद किशोर कुमार ने उनसे अपने प्यार और रिश्ते के बारे में कई अनकही बातें बताईं। उन्होंने बताया- वे बहुत खूबसूरत थीं पर उनकी मौत बेहद दर्दनाक थी। वे काफी बीमार हो गई थीं। मैं जान गया था कि वे धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रहीं हैं पर फिर भी मैंने उनसे शादी की। 9 साल तक उनकी हर प्रकार से सेवा की।
किशोर कुमार ने मधुबाला के बारे में बताते हुए आगे कहा: वादा तो आखिरकार वादा ही होता है। मैंने अपना वचन निभाया और मधुबाला के साथ शादी कर ली। उन्हें पत्नी बनाकर घर ले आया। हालत को देखते हुए मैं पूरे समय मधुबाला के साथ ही रहता था। उनकी आखिरी सांस तक साथ बना रहा।
मधुबाला के साथ रिश्ते की बात पर किशोर कुमार बहुत भावुक हो जाते थे। उन्होंने कहा कि हम साथ-साथ हंसते थे और कई बार साथ-साथ रोए भी थे। मेरी आंखों के सामने ही उनकी सांसें थम गईं।