मैजिकल मध्यप्रदेश : देश की कुल आदिवासी आबादी का 14.70 प्रतिशत प्रदेश में निवास करती है
भोपाल. आबादी के लिहाज से मध्यप्रदेश को आदिवासी राज्य कहा जाए तो भी कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। प्रदेश में देश की सबसे अधिक जनजातीय जनसंख्या है। देश की कुल आदिवासी आबादी का 14.70 प्रतिशत (वर्ष 2011 की जनगणना) यहां निवास करती है। देश की जनजातीय आबादी 10.4 करोड़ है और मध्यप्रदेश की 1.53 करोड़।
सामान्य तौर पर जनजातीय समुदाय जंगलों में निवास करते हैं, मगर अब स्थितियां बदल रही हैं। आदिवासी मैदानी इलाकों और शहरी क्षेत्र में भी बसने लगे हैं।
प्रदेश में 43 जनजातियों का वास
अनुसू चित जनजातियों की सूची संशोधन (1976) में 46 समुदायों के तहत मध्यप्रदेश को अधिसूचित किया गया। वर्ष 2003 में जारी अधिसूचना में कीर, मीना और पारधी जनजातियों को विलोपित कर दिया गया। ऐसे में अब कुल 43 अनुसूचित जनजा ति समूह मध्यप्रदेश में अधिसूचित हैं।
मध्यप्रदेश में जनजातीय समुदाय को तीन क्षेत्रों से जाना जाता है—
1. मध्य क्षेत्र
इसके तहत नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रायसेन आदि जिल हैं। इनमें गौंड, बैगा, कोल, कोरकू परधान, भारिया और मुरिया निवास करते हैं।
2. पश्चिम क्षेत्र
झाबुआ, आलीराजपुर, धार, खरगोन, बड़वानी और रतलाम जिलों से यह क्षेत्र पहचाना जाता है। इसमें भील, भिलाला, परितबा, बारेला और तड़नी आदिवासी रहते हैं।
3. चंबल क्षेत्र
श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना, गुना, दतिया, ग्वालियर आदि जिलों में सहरिया जनजाति का बसेरा है।
FACTSHEET ABOUT TRIBLE
15316784
कुल आदिवासी
7719404
पुरुष
7597380
महिला
8.63 प्रतिशत
देश की आबादी में
21.09 प्रतिशत
प्रदेश की आबादी में