
L Murugan Rajya Sabha Madhya Pradesh- केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया है। वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। एल मुरुगन ने पीएम नरेंद्र मोदी को मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देते हुए राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की भी इजाजत मांगी है। एल मुरुगन का कार्यकाल 3 अप्रैल 2024 से 3 अप्रैल 2030 तक था। वे 20 फरवरी 2024 को निर्विरोध चुने गए थे। राज्यसभा सीट छोड़ने के बाद मध्यप्रदेश में राज्यसभा के उपचुनाव जल्द ही हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा में गए एल मुरुगन को मोदी मंत्रिपरिषद में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्यमंत्री के रूप में कार्य संभाल रहे थे। उनके इस्तीफे ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। हैरानी की बात यह है कि अब पीएम नरेंद्र मोदी से राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की भी अनुमति मांगी है। इसे लेकर भाजपा नेता मुरुगन का कहना है कि अब वे तमिलनाडू में जमीनी स्तर की राजनीति में लौटना चाहते हैं। मुरुगन का कहना है कि वे 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं।
मध्यप्रदेश में 11 राज्यसभा सांसद हैं। इनमें से 9 सांसद भाजपा के है और दो सांसद कांग्रेस के हैं। इनमें भाजपा की कविता पाटीदार, भाजपा की सुमित्रा, बाल योगी उमेशनाथ, एल मुरुगन बंशीलाल गुर्जर, माया नरोलिया, रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट राज्यसभा सांसद हैं। कांग्रेस के विवेक तन्खा और अशोक सिंह सांसद हैं।
एल मुरुगन ने अपने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अपने संघर्ष का भी उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि वे किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे और मवेशी चराते थे। उनका परिवार आज भी तमिलनाडू के कोनूर गांव में साधारण जीवन जी रहा है। मुरुगन ने भावुक करने वाली बाते भी लिखी हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके माता-पिता ने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा केंद्र सरकार में मंत्री बनेगा। मुरुगन ने अपने राजनीतिक सफर का श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का मौका यहां मिलता है।