
भोपाल। मांगों की पूर्ति के लिए आए दिन लोग कुछ तरीका अपनाते है। जिससे उनकी मांग पूरी हो जाएं। हर बार इन मांगों का तरीका भी अलग-अलग होता है। कई बार अनोखा भी होता है। आज कल एक मांग मंगवाने को लेकर एक नायाब तरीका युवाओं ने खोज निकाला है। जिससे किसी को कोई तकलीफ भी न हो और मांग भी पूरी हो जाएं।
ऐसा ही कुछ आयूष के डॉक्टरों ने भी अपनी मांगों की पूर्ति के लिए झाड़ू लगाकर प्रदर्शन किया। डॉक्टरों का उदेश्य से स्वच्छता अभियान चलाकर मांगों अपनी मांगों को पूरा करना था।
इस जगह किया प्रदर्शन
आयुश डांक्टरों ने सामूहिक रूप से मिलकर मंत्रालय के सामने झाड़ू लगाई और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देते हुए बहुत ही स्वच्छता के साथ, साफ—सुधरे तरीके से अपनी बात रखी। डाक्टरों को उदेश्य किसी को परेशान करना नहीं था। पर, अपनी मांगों को मंगवाना जरूरी था।
ये थी मांगे
संविदा पर काम कर रहे आयुष डॉक्टरों का यह उचित मानदेय के लिए था। जिससे सरकार उनके रोजगार भत्ते में बढ़ोतरी कर सकें। डांक्टरों का कहना था कि सरकार ने 2010 से अभी तक एक बार भी मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की है। जिसके चलते हमें ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। आयुष कर्मचारियों ने जल्द से जल्द मांग वेतन बढ़ाने की मांग की हैं।
प्रदेश के कर्मचारी उठा रहे सांतवे वेतनमान का लाभ
डांक्टरों ने बताया कि जहां प्रदेश के सरकारी कर्मचारी सांतवे वेतमान का लाभ उठा रहे है। वही दूसरी ओर हमारा मानदेय एक बार भी नहीं बढ़ाया गया। यह हमारे साथ अन्याय है।
हमारा मकसद राजनीति करना नहीं
आयुष कर्मचारियों ने बताया कि हमारा मकसद राजनीति करना नहीं है। हम सिर्फ सीधे—साधे तरीके से अपनी मांग पूरी करवाना चाहते है।
विरोध प्रदर्शन का तरीका कोई और भी हो सकता था। पर, हमने स्वच्छता अभियान का समर्थन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जिससे किसी को कोई तकलीफ न हो। बस हमारी मांगों की पूर्ति हो।