मायावती ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने बीएसपी को कमजोर करने की कोशिश की। हम दलित, आदिवासी, मुस्लिम, पिछड़ों के बलबूते पूरी दमदारी से अकेले चुनाव लड़ रहे हैं। मायावती ने भरोसा जताया कि इस बार एमपी में लोकसभा चुनाव में बीएसपी के लिए बेहतर रिजल्ट आएंगे।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को एमपी का चुनावी दौरा किया। मायावती मुरैना पहुंची Mayawati In Morena जहां एक जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और कांग्रेस को गरीब व दलित विरोधी बताया। मायावती बेहद मुखर नजर आईं और लोकसभा चुनावों में बीजेपी की मोदी सरकार की जीत तथा ईवीएम में गड़बड़ी पर भी खुलकर बोलीं।
मुरैना में बसपा प्रमुख ने बीजेपी व कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि इन दोनों पार्टियों ने लगातार साजिश करते हुए बीएसपी को कमजोर बनाने का काम किया। मेला मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने मुरैना लोकसभा, भिंड और ग्वालियर लोकसभा से बसपा के प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की।
मायावती ने चुनावी सभा में कहा कि बीजेपी व कांग्रेस की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। बीजेपी, कांग्रेस और इनकी सहयोगी पार्टियां गरीबों व दलितों की विरोधी हैं। यही कारण है कि बीएसपी, बीजेपी या कांग्रेस के साथ मिलकर नहीं, बल्कि अकेले ही चुनाव लड़ रही है।
मायावती ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने बीएसपी को कमजोर करने की कोशिश की। हम दलित, आदिवासी, मुस्लिम, पिछड़ों के बलबूते पूरी दमदारी से अकेले चुनाव लड़ रहे हैं। मायावती ने भरोसा जताया कि इस बार एमपी में लोकसभा चुनाव में बीएसपी के लिए बेहतर रिजल्ट आएंगे।
मायावती ने कांग्रेस पर करार प्रहार करते हुए कि केंद्र और ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस सत्ता में रही लेकिन दलित, आदिवासी व पिछड़ों के लिए कुछ नहीं किया। इसी कारण कांग्रेस केंद्र व राज्यों में सत्ता से बाहर हो गई।
बीजेपी को मायावती ने पूंजीवादी व जातिवादी पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने चहेते लोगों को मालामाल बनाने में लगी है। मायावती ने यह भी कहा इस बार केंद्र में बीजेपी की मोदी सरकार आसानी से वापस नहीं आनेवाली। ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हो और चुनाव निष्पक्ष हों तो बीजेपी की हार तय है।
बसपा ने सबका ध्यान रखा
मायावती ने कहा कि यूपी में बसपा की चार बार सरकार रही। हमने पिछड़ों, दलितों, किसानों के हितों का ध्यान रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का कोटा पूरा नहीं भरा है। पदोन्नति में भी आरक्षण को प्रभावहीन बना दिया है। देश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी बढ़ रही है।