- गुरुवार तक प्रदेश के 257 केन्द्रों पर दर्ज हुई बरसात
भोपाल. बंगाल की खाड़ी से छत्तीसगढ़ होते हुए प्रदेश में आया कम दबाव का क्षेत्र बीते 24 घंटों में प्रदेश को भिगोते हुए पार कर गया। अब यह कमजोर होकर राजस्थान की सीमा पर स्थित है। सिस्टम के कमजोर होने के बावजूद यह ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में पश्चिमी हिस्से में स्थित है, ऐसे में अगले एक दो दिन तक बरसात की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इस बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनना शुरू हो चुका है जिसके 11 सितम्बर तक कम दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान है। जहां वर्तमान सिस्टम से एक-दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां होती रहेंगी, वहीं इसके बाद नए सिस्टम से नमी आनी शुरू हो जाएगी और वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी।
बुधवार से गुरुवार सुबह के बीच बीते 24 घंटों में छिंदवाड़ा और होशंगाबाद में सबसे ज्यादा दो-दो इंच बरसात दर्ज हुई। वहीं रतलाम में डेढ़ इंच से अधिक, बैतूल, सिवनी में लगभग एक इंच, तो बालाघाट और टीकमगढ़ में आधा- आधा इंच बरसात हुई। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, जबलपुर उज्जैन, रीवा, खजुराहो में पांच से आठ मिमी के बीच बरसात दर्ज हुई।
दिन में कम हुआ बरसात का क्षेत्र
बारिश का सिलसिला गुरुवार दिन में कुछ कम हो गया और होशंगाबाद में लगभग एक इंच, श्योपुरकलां में नौ मिमी, जबलपुर में 6.8 तो बैतूल, भोपाल, ग्वालियर और मण्डला में तीन-तीन मिमी बारिश दर्ज हुई।
कमजोर हुआ लेकिन अब भी कराएगा बारिश
मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान सिस्टम पश्चिमी प्रदेश के मध्य हिस्से में राजस्थान से लगती सीमा पर स्थित है। यह कम दबाव के क्षेत्र से ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में बना हुआ है। यह अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है और 4.5 किमी की ऊंचाई तक बना हुआ है। यह अभी भी बारिश कराने की स्थिति में है। इसके 24 से 36 घंटों तक यहीं बने रहने की उम्मीद जिसके असर से कई जगहों पर बारिश होती रहेगी।
मौसम विभाग ने उमरिया, डिंडोरी, सिवनी, मण्डला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, दतिया एवं श्योपुरकलां जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।