हाथी पर मां के आगमन को माना जाता है शुभ, बस इन बातों को रखना होगा खास ख्याल...
भोपाल। इस बार 18 मार्च यानि कल से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहीं हैं, पहला नवरात्र इस बार रविवार को पड़ रहा है, इसलिए मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। जिसे एक बहुत अच्छा संयोग माना जा रहा है।
वहीं मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी नवरात्रों को लेकर पूरी तैयारी हो चुकी है। बाजार सजने के साथ ही लोगों में भी हिन्दू नववर्ष व नवरात्रि का उत्साह साफतौर पर दिखाई दे रहा है।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार घटस्थापना के दिन के मुताबिक मां की सवारियां बदल जाती हैं, इसलिए हर साल माता का वाहन अलग-अलग होता है। इस बार माता का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे धर्म के हिसाब से काफी अच्छा कहा जा रहा है।
सुख-समृद्दि और ताकत का मानक है हाथी...
पंडित शर्मा के मुताबिक माना जाता है कि हाथी सुख-समृद्दि और ताकत का मानक है और इस बार देवी का आगमन इसी वाहन पर हो रहा है ऐसे में ये नवरात्र शुभ होगा।
ज्योतिष के अनुसार जो चीजें खास हैं उनके अनुसार इस बार देश में वर्षा और अन्न की कमी नहीं होगी और देवी के भक्त सुखी, प्रसन्न और संपन्न रहेंगे और तरक्की करेंगे।
मां की सवारी दिन के हिसाब से..
सोमवार को मां की सवारी: हाथी।
मंगलवार को मां की सवारी: अश्व यानी घोड़ा।
बुधवार को मां की सवारी: नाव।
गुरुवार को मां की सवारी: डोली।
शुक्रवार को मां की सवारी: डोली।
शनिवार को मां की सवारी: अश्व यानी घोड़ा।
रविवार को मां की सवारी: हाथी।
चैत्र नवरात्र घट स्थापना का शुभ मुहूर्त...
तिथि :18 मार्च
दिन :रविवार
घट स्थापना: सुबह 9:30 मिनट से 11:15 मिनट तक
वहीं भक्त पूरे 9 दिन का व्रत रखेंगे उनका पारण 26 मार्च को...
इन दिनों भूलकर भी ना करें ये काम:-
नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से जातक को हर मुश्किल से छुटकारा मिल जाता है। कुछ लोग 9 दिन तक उपवास रखते हैं। ऐसे में कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है, जिसे करने से आप पर विपदा आ सकती है!
— इस व्रत के दौरान दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटवाने चाहिए।
— नौ दिनों तक नाखून नहीं काटने चाहिए।
— कलश स्थापना करने या अखंड दीप जलाने वालों को नौ दिनों तक अपना घर खाली नहीं छोड़ना चाहिए।
— घर में सात्विक भोजन बनना चाहिए यानि लहसून-प्याज, नॉनवेज से बचना चाहिए।
— नवरात्र का व्रत करने वालों को पूजा के दौरान बेल्ट, चप्पल-जूते या फिर चमड़े की बनी चीजें नहीं पहननी चाहिए।
— काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
— व्रत में खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
— महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान 7 दिन पूजन नहीं करना चाहिए।
— घर में हिंसा और कलह नहीं होना चाहिए।
— व्रत रखने वाले जमीन पर सोए तो अच्छे फल की प्राप्ति होती है।
— लोगों की बुराई नहीं करनी चाहिए।
8 दिनों तक रोज करें ये 10 काम :-
साल 2018 में चैत्र नवरात्रि 18 मार्च से शुरू हो रहे हैं, जो 25 मार्च तक रहेंगे यानी इस बार नवरात्र 8 दिन के रहेंगे।
- नवरात्रि के दिनों में अपनी समर्था के प्रतिदिन नौ कुमारी कन्याओं की पूजन करनी चाहिए। एक कन्या की पूजन से ऐश्वर्य, दो से मोक्ष, तीन से धर्म अर्थ काम, चार की पूजा से राजपक्ष से लाभ, पांच की पूजा से विद्या, छह की पूजा से यंत्रमंत्रतंत्र की प्राप्ति, सात की पूजा से राजपद की प्राप्ति, आठ की पूजा से धन और नौ कन्याओं की पूजन से विजय की प्राप्ति होती है।
किस्मत खोलने के खास उपाय
- नवरात्र में देवी पूजा के साथ ही कुछ ऐसे उपाय हैं जिनके लिए कहा जाता है कि इन्हें करने से किस्मत खुल जाती है। इनके अनुसार नवरात्र पर जरूरतमंद लोगों को भोजन और धन का दान करने से पुराने सभी पापों का बुरा असर कम होता है और पुण्य की बढ़ोतरी होती है। नवरात्र में व्रत करने वाले को केले, आम, पपीता आदि का दान करें। नवरात्र में विशेष रूप से देवी मां के मंत्रों का जाप करना चाहिए। यदि आप चाहें तो दुर्गा शप्तसती का पाठ भी कर सकते हैं।
- पूजन में साफ-सफाई और पवित्रता व मंत्र जाप में उच्चारण सही होना चाहिए। इस मंत्र की करें स्तुति- 'या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।' देवी पूजा करते समय हार-फूल, प्रसाद, कुमकुम, चंदन, चावल आदि पूजन सामग्री के साथ ही शहद और इत्र अनिवार्य रूप से चढ़ाना चाहिए। शहद और इत्र चढ़ाने से देवी मां की कृपा सदैव बनी रहती है और भक्त का व्यक्तित्व आकर्षक बनता है।
- नवरात्रि के दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान देवी दुर्गा के सभी नौ स्वरुपों की पूजा आराधना की जाती है। देवी मां की पाठ करते समय साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गौरी गणेश और कलश स्थापन के पूजन करने के बाद देवी का पूजन करनी चाहिए।
शांति पाठ के उपरांत संकल्प कर दीपक की पूजा करनी चाहिए। आरती के बाद पुष्पांजलि और क्षमा प्रार्थना करना चाहिए। इस दौरान बच्चों का मुंडन करवाना शुभ होता है।
पंडित शर्मा के अनुसार नवरात्रि में 18 मार्च को ही कलश की स्थापना होगी। प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापन का विधान है। इस बार शुभ मुहुर्त 18 मार्च की सुबह 6 बजकर 31 मिनट से लेकर 7 बजकर 46 मिनट तक का है। रविवार को शुरू होने के कारण इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत में सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। नवरात्रि के साथ ही नववर्ष का प्रारंभ हो रहा है। कन्या लग्न में नवरात्र और नववर्ष का प्रारंभ होना कई संयोग बना रहा है। ये संयोग इस बार नवरात्रि व्रत को और भी मंगलकारी बना रहा है।
- नवरात्रि का व्रत रखने वालों को न ही बाल कटवाने चाहिए, न शेविंग करवानी चाहिए। यदि आप कलश की स्थापना करते हैं और अखंड ज्योति जला रहे हैं तो घर को खाली छोड़कर कहीं भी न जाएं। नॉन वेज, प्याज, लहसुन आदि की मनाही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के पूरे नौ दिन तक नींबू काटना अशुभ होता है। विष्णु पुराण के अनुसार मां दुर्गा के इन नौ दिनों में दोपहर के समय सोना नहीं चाहिए। इससे व्रत रखने का उचित फल नहीं मिलता।