अजा व अजजा को मिलने वाली सरकारी सहायता को ज्यों का त्यों इस सामान्य गरीब वर्ग को देने की सिफारिश की है।
भोपाल। सामान्य गरीब वर्ग कल्याण के लिए सरकार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले नया विभाग खोलेगी। जानकारी के अनुसार इसके तहत पिछले दिनों राज्यस्तरीय मंत्रियों की हाईपॉवर कमेटी ने इस विभाग का प्रस्ताव दिया था। सूबे में सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग है। अब इस विभाग का प्रारूप तैयार किया जा रहा है, इससे आर्थिक आधार पर सरकारी सहूलियतें देने का नया रास्ता खुलेगा।
दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिनों मप्र के विकास का रोडमैप बनाने के लिए हाईपॉवर कमेटियां बनाई थीं। इसमें सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण के लिए बनी समिति ने अलग विभाग की सिफारिश की है। कमेटी ने अजा व अजजा को मिलने वाली सरकारी सहायता को ज्यों का त्यों इस वर्ग को देने की सिफारिश की है।
इस पर सीएम ने अफसरों से चर्चा की, तो इसकी मॉनिटरिंग करने की बात सामने आई। पूरा काम सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग को देने की बात उठी, तो आयोग के सीमित अधिकार होने से सहमति नहीं बन सकी। इससे अलग से विभाग गठित करने का प्रस्ताव आया। इसके तहत अलग विभाग का प्रारूप तैयार किया जाना तय हो गया है। इसमें सामान्य निर्धन वर्ग के लिए पूरी योजनाएं, उसका क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग विभाग के अधीन की जाएगी।
नए विभागों की यह है स्थिति:
सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण विभाग खुलता है, तो कुल 65 सरकारी विभाग हो जाएंगे। सरकार ने बीते दो साल में तीन नए विभाग शुरू किए, लेकिन तीनों विभाग अभी तक पटरी पर नहीं आ सके।
इनमें आनंद विभाग, प्रवासी भारतीय विभाग व सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग विभाग हैं। इन विभागों में अमला नहीं है। प्रतिनियुक्ति व अतिरिक्त प्रभार देकर इन विभागों में काम चलाया जा रहा है।
ये हैं कमेटी में :
हाईपॉवर कमेटी में मंत्रियों में उमाशंकर गुप्ता, रामपाल सिंह व नरोत्तम मिश्रा शामिल थे। इनके अलावा अफसरों को सदस्य रखा गया था।
आर्थिक आधार होगा मजबूत :
अभी तक आरक्षण जातिगत आधार पर हो रहा था। अब आंशिक रूप से आर्थिक आधार भी शामिल हो जाएगा। अभी दलित-आदिवासी, कमजोर व पिछड़े वर्ग को ही सरकारी योजनाओं में आरक्षण मिलता था, अब आर्थिक पहलू पर सामान्य निर्धन वर्ग को भी सहूलियतें मिल सकेंगी।
देश में आर्थिक आरक्षण का मुद्दा गर्माया है, एेसे में यह प्रदेश सरकार का बड़ा कदम साबित हो सकता है।
विभागों की संख्या बढ़ाने से बेहतर योजनाओं के क्रियान्वन पर फोकस होना चाहिए। सरकार खुद कुछ समय पहले गैरजरूरी विभागों को खत्म करने पर मंथन कर रही थी। एेसे में अब नए विभाग खोलने की नीति ठीक नहीं।
- ओम भारद्वाज, समाजशास्त्री
सरकार सामान्य निर्धन वर्ग की बेहतरी के लिए कई कदम उठाएगी। इसके लिए गठित कमेटी ने कई सिफारिशें की हैं।
- उमाशंकर गुप्ता, राजस्व मंत्री, मप्र