आज प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, निवाड़ी में मकान ढहने से दो की मौत, टीकमगढ़ जिले में दो किसानों पर गिरी गाज
भोपाल. लंबी गैप के बाद मानसून ने जोरदार वापसी की है। राज्य में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को जन्माष्टमी पर कई जिलों में पानी बरसा। निवाड़ी जिले में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया।
पृथ्वीपुर में तीन मंजिला मकान ढहने से एक परिवार के तीन सदस्य दब गए। इनमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया है। उधर, पलेगा क्षेत्र में आकाशीय -बिजली की चपेट में आने से दो किसानों की मौत हो गई। तीन अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है। वही ओबेदुल्लागंज में खेत में चार लड़कियों पर आकाशीय बिजली गिरने से एक की मौत हो गई तीन का इलाज जारी है।
वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया, कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बस्तर के आसपास बना हुआ है, जो विदर्भ में आकर मप्र से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए राजस्थान की ओर जाएगा। वहीं मानसून द्रोणिका बीकानेर, अजमेर, शिवपुरी से होते हुए निम्न दाब के क्षेत्र तक जा रही है। इससे मंगलवार तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तो अगले दो तीन दिनों में पश्चिमी प्रदेश में बारिश होगी।
यहां यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बैतूल, होशंगाबाद, रायसेन, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, उमरिया, डिंडोरी, सागर, छतरपुर एवं नरसिंहंपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
गरज-चमक-बिजली
इसके अतिरिक्त जबलपुर, सागर, भोपाल, होशंगाबाद, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर एवं चम्बल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली चमकने और गिरने की आशंका है। बता दें कि प्रदेश में 30 अगस्त तक 702.9 मिमी औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 753.5 मिमी होनी थी। इस तरह बारिश सामान्य से सात फीसदी कम है। अब और बारिश की उम्मीद जग गई है।
सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले
सारणी इलाके में चार इंच बारिश से सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोलने पड़े। डैम का पानी अचानक सीवनपाठ रपटे पर पहुंचा। इससे कार सवार मुकेश और गोकुल फंस गए। हालांकि दोनों कार छोड़ वहां से निकल आए